खामगांव एसडीओ कार्यालय में आग लगाने की कोशिश,रविकांत तुपकर के आंदोलन का तीसरा दिन
लोकवाहिनी, संवाददाता
बुलढाणा। किसान नेता रविकांत तुपकर द्वारा किसानों की संपूर्ण कर्जमुक्ति की मांग को लेकर शुरू किए गए अन्नत्याग आंदोलन का असर अब पूरे जिले में दिखाई देने लगा है। आंदोलन के समर्थन में विभिन्न स्थानों पर किसान सड़क पर उतरकर सरकार की कथित ‘फर्जी कर्जमाफी’ के खिलाफ प्रदर्शन किया और शासन के जीआर की प्रतियां जलाईं। इसी बीच खामगांव में उपविभागीय अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय को आग लगाने के प्रयास की घटना सामने आने से प्रशासन में खलबली मच गई। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात करीब ढाई बजे कुछ अज्ञात आंदोलनकारियों ने खामगांव स्थित उपविभागीय अधिकारी कार्यालय के प्रवेश द्वार के पास आग लगाने का प्रयास किया। घटनास्थल पर ‘किसानों की कर्जमुक्ति होनी ही चाहिए’ जैसे संदेश वाले पोस्टर भी पाए गए। हालांकि, समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसडीओ कार्यालय के मुख्य द्वार के पास जलने के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना को गंभीरता से लेते हुए कार्यालय परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अज्ञात व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास
इसी क्रम में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने एक युवक ने सब्जियां और दूध सड़क पर फेंककर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद उसने आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि उपस्थित लोगों और पुलिसकर्मियों की सतर्कता से युवक को समय रहते रोक लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। दूसरी ओर जलगांव जामोद में आंदोलनकारियों ने आक्रामक अपनाते हुए तहसील कार्यालय की इमारत पर चढ़कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। कुछ समय तक तहसील परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
सड़क पर टायर जलाकर किया प्रदर्शन
दूसरी ओर, चिखली-खामगांव मार्ग पर स्थित पेठ पुल के पास मंगलवार रात नाराज किसानों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके चलते कुछ समय तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसी रात किनगांव जट्ट क्षेत्र में एक एसटी बस में आग लगने की घटना भी सामने आई। पुलिस का दावा है कि बस में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ लोग इसे आंदोलन से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। किसान नेता रविकांत तुपकर 15 जून से बुलढाणा स्थित अपने निवास पर अन्नत्याग आंदोलन पर बैठे हैं। आंदोलन के तीसरे दिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। बताया जा रहा है कि उन्होंने आंदोलन शुरू होने के बाद से अन्न का एक भी दाना ग्रहण नहीं किया है, जिससे उनकी तबीयत लगातार कमजोर होती जा रही है।
किसानों से शांति बनाए रखने की अपील
जिले में बढ़ती तनावपूर्ण घटनाओं के बीच रविकांत तुपकर ने किसानों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधियों से दूर रहा जाए। कर्जमाफी के मुद्दे पर किसानों में बढ़ते असंतोष और आंदोलन को मिल रहे जनसमर्थन को देखते हुए आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।











