विद्युत कार्यों के ठेके के बदले कमीशन मांगने का आरोप
लोकवाहिनी संवाददाता
गढ़चिरोली। महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले के अहेरी में भ्रष्टाचार निरोधी विभाग (एसीबी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा के मनोनीत नगरसेवक अमोल गुडेल्लीवार को कथित तौर पर 1 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया. नगर पंचायत के विद्युत कार्यों के ठेके के बदले कमीशन मांगने का आरोप है. यह कार्रवाई अहेरी के मुख्य बाजार क्षेत्र में दोपहर करीब एक बजे की गई. अमोल गुडेल्लीवार पूर्व राज्यमंत्री अम्ब्रीशराव आत्राम के करीबी समर्थक माने जाते हैं. जानकारी के अनुसार, अहेरी नगर पंचायत के अंतर्गत शहर में विभिन्न विद्युत कार्य प्रस्तावित थे. एक ठेकेदार ने इन कार्यों का ठेका लिया था. आरोप है कि इन कार्यों के बदले गुडेल्लीवार ने ठेकेदार से 1 लाख 20 हजार रुपये कमीशन की मांग की थी. कथित रिश्वत की रकम देने के इच्छुक नहीं होने पर ठेकेदार ने गोंदिया स्थित भ्रष्टाचार निरोधक विभाग से शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने 15 अक्टूबर को पंचों की मौजूदगी में रिश्वत मांगने के आरोप की पुष्टि के लिए जांच की. मांग की पुष्टि होने के बाद टीम ने जाल बिछाया. योजनाबद्ध कार्रवाई के दौरान अहेरी के मुख्य बाजार में ठेकेदार से 1 लाख 20 हजार रुपये स्वीकार करते समय गुडेल्लीवार को पकड़ लिया गया. इस कार्रवाई में गोंदिया एसीबी के उपअधीक्षक नीलेश लोधी और गढ़चिरोली एसीबी के उपअधीक्षक विक्रांत सगणे की टीमें शामिल थीं.
नपं चुनाव हारने के बाद मिला था मनोनीत पार्षद पद
नगर पंचायत चुनाव में हार का सामना करने के बावजूद भाजपा ने अमोल गुडेल्लीवार को मनोनीत नगरसेवक के रूप में अवसर दिया था. अब विद्युत कार्यों के ठेके से जुड़े कथित रिश्वत मामले में एसीबी की कार्रवाई के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है. इस घटना ने स्थानीय स्वशासी संस्थाओं में विकास कार्यों से जुड़े ठेकों और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता का मुद्दा एक बार फिर सामने ला दिया है. हालांकि, मामले में आरोपों से संबंधित अंतिम निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा.
इस मामले में अहेरी पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. इसकी जानकारी एसीबी के उपअधीक्षक विक्रांत सगणे ने दी.













