श्रद्धा : लालबागचा राजा के प्रसाद और गहनों की नीलामी में टूटे रिकॉर्ड
मुंबई। लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल ने हर साल की तरह इस साल भी चढ़ावे में आई कीमती वस्तुओं की नीलामी आयोजित की थी। इस नीलामी में भक्तों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बुधवार शाम 5 बजे शुरू होकर आधी रात तक चली इस नीलामी में भक्तों ने चढ़ावे में आई कीमती वस्तुओं पर उनकी असल कीमत से कहीं अधिक बढ़कर बोलियां लगाईं। इस साल की नीलामी का सबसे बड़ा आकर्षण एक किलोग्राम वजन की सोने की ईंट रही। लालबागचा राजा गणेशोत्सव मंडल द्वारा इस ईंट का रिजर्व प्राइस 1.48 करोड़ रुपये तय किया गया था, जिसे विश्वजीत देशमुख नामक भक्त ने 1.55 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर अपने नाम किया।
इसके अलावा, 18 कैरट सोने से निर्मित 141 ग्राम की भगवान गणेश की एक दिव्य मूर्ति भी नीलाम की गई, जिसका रिजर्व प्राइस 15.65 लाख रुपये रखा गया था। नीलामी में केवल सोने की ईंट ही नहीं, बल्कि सोने-चांदी के आभूषण, सोने के मोदक, चांदी की गदा, क्रिकेट बैट, सितार और दो मोटरसाइकिलें भी शामिल की गईं। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 56 ग्राम चांदी की एक छोटी गणेश मूर्ति, जिसकी शुरुआती कीमत महज 5,000 रुपये थी वह 50,000 रुपये में बिकी। 2025 में, मंडल ने 108 सोने और चांदी की वस्तुओं की नीलामी करके 1.65 करोड़ रुपये कमाए थे।
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि इस वर्ष लालबागचा राजा को नकद दान के रूप में कुल 6.12 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इसमें से 3.53 करोड़ रुपये मुख्य मंच पर रखे दान बॉक्स से, 2.42 करोड़ ‘रंग’ दान बॉक्स से और 16.14 लाख रुपये विसर्जन दान बॉक्स से एकत्र हुए हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 की नीलामी से लालबागचा मंडल को 2.35 करोड़ प्राप्त हुए थे, जिसमें 1 किलो सोने की ईंट 75.9 लाख रुपए और 1 किलो का सोने का हार 74 लाख रुपये में बिका था। वहीं 2025 में, मंडल ने सोने और चांदी की 108 चीजों की नीलामी 1.65 करोड़ रुपये में की थी।
जीएसबी सेवा मंडल की कमाई 20 करोड़ के पार
दूसरी ओर जीएसबी सेवा मंडल ने इस वर्ष 20 करोड़ रुपये से अधिक की कुल आय दर्ज की। इस गणेशोत्सव मंडल को चढ़ावे के मामले में मुंबई का सबसे धनी गणपति मंडल माना जाता है। पूर्व ट्रस्टी सतीश नायक ने बताया कि इसमें दान, पूजा रसीदें, नीलामी, विज्ञापन और ब्रांडिंग से प्राप्त फंड शामिल हैं। जीएसबी सेवा मंडल अपने पास चढ़ाए गए सोने-चांदी के गहनों की नीलामी नहीं करता है, बल्कि सिर्फ सांकेतिक रूप से 5 वस्तुओं की नीलामी की जाती है, जिससे इस साल 5 लाख मिले।
जनकल्याण और सामाजिक कार्यों में होगा फंड का उपयोग
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल और जीएसबी सेवा मंडल द्वारा एकत्रित इस विशाल धनराशि का उपयोग जनहित और धर्मार्थ कार्यों में किया जाता है। लालबागचा राजा मंडल इस फंड से मुफ्त डायलिसिस सेंटर, अस्पताल के खर्च और शैक्षणिक सहायता प्रदान करता है। वहीं, जीएसबी सेवा मंडल मीरा-भायंदर में एक सर्वसुविधायुक्त अस्पताल का निर्माण कर रहा है और इस वर्ष की आय का एक हिस्सा महाराष्ट्र के सूखा-प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए भेजेगा।













