सीएम फडणवीस ने जताया विश्वास, वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर जेएनपीटी में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे राज्य के औद्योगिक और व्यापारिक विकास के लिए अहम पड़ाव बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ोदरा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया और चार मालगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेएनपीटी और वाधवण बंदरगाह मिलकर महाराष्ट्र को देश को समुद्री शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जेएनपीटी की भूमिका भी इस परियोजना में अहम है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनों के परिचालन को ध्यान में रखते हुए कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्ग पर चार सुरंगों के साथ सैकड़ों पुल और फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। परियोजना में करीब 147 लाख घनमीटर अर्थवर्क किया जाना है। कलंबोली में मौजूदा रेल यातायात को बाधित किए बिना 110 मीटर लंबे और करीब 3,000 टन वजनी फ्लाईओवर गर्डर को स्थापित करना भी बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती है। सीएम फडणवीस ने पश्चिमी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत न्यू उंबरगांव से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (जेएनपीटी) तक विकसित किए जा रहे मिसिंग लिंक को महाराष्ट्र के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। करीब 1,500 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पांच राज्यों से होकर गुजरता है। पालघर, वसई, वैतरणा और उल्हास नदी क्षेत्र के दलदली ‘मरीन क्ले’ इलाके में रेल लाइन का निर्माण इंजीनियरिंग की बड़ी चुनौती थी। जेएनपीटी में हुए इस विशेष लोकार्पण कार्यक्रम में राज्यपाल जिष्णूदेव वर्मा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा अजित पवार, महिला विकास मंत्री अदिति तटकरे, मंत्री भरतशेठ गोगावले सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी व पदाधिकारी उपस्थित थे।
लॉजिस्टिक लागत 7 प्रश घटेगी : फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई रेल गलियारे से भारत की लॉजिस्टिक लागत घटकर करीब सात प्रतिशत रह जाएगी जिससे देश चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत भागीदारी करने में सक्षम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वडोदरा दौरे पर पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के तीन महत्वपूर्ण खंडों का उद्घाटन किया। ये खंड नवी मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपीटी) को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ते हैं। इस खंड की शुरुआत के साथ ही परियोजना पूरी हो गई। फडणवीस ने नवी मुंबई के उरण में संवाददाताओं से कहा, भारत की लॉजिस्टिक लागत करीब 14 प्रतिशत थी जबकि चीन में यह सात प्रतिशत थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 14 से घटकर 10 प्रतिशत किया। लेकिन इस समर्पित माल दुलाई गलियारे से हम इसे सात प्रतिशत तक ले आएंगे। हम चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि कई राज्यों से गुजरने वाला और उत्तर प्रदेश को जवाहरलाल नेहरू नेहरू बंदरगाह से जोड़ने वाला करीब 1,600 किलोमीटर लंबा यह माल ढुलाई गलियारा देश के माल ढुलाई एवं आपूर्ति क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगा। फडणवीस ने कहा कि इस गलियारे में माल की ढुलाई डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन से की जाएगी, जिनमें एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखा जाता है। ऐसी एक ट्रेन 250 ट्रक के बराबर माल ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि बिजली से चलने वाली ट्रेन पेट्रोल और डीजल की बचत करने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद करेंगी।










