एजेंसी
वॉशिंगटन। अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने बुधवार को आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) को अमेरिका में ‘दानदाताओं से आर्थिक मदद’ मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह ‘चुप रहने का समय नहीं है’ और भारत के सभी ‘युवा देशप्रेमियों’ को संगठन की ‘विघटनकारी सोच’ के खिलाफ उठ खड़े होने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना चाहिए। मिलबेन ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के समर्थक मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नई दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं।
गायिका ने कहा कि कॉजपा के नेता अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी को अमेरिका में ऐसे दानदाताओं से आर्थिक मदद मिल रही है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेतृत्व में आपका भविष्य होने के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि यह चुप रहने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के सभी प्यारे युवा देशप्रेमियों से विघटनकारी ताकतों के खिलाफ खड़े होने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अपील की जाती है। पोस्ट में कहा गया, ‘डरो मत, मेरे युवा देशप्रेमियों। आपके प्रधानमंत्री, जिन्होंने 25 वर्षों तक भारत की सेवा की है और 12 वर्षों से प्रधानमंत्री हैं तथा लगातार तीन कार्यकाल के लिए चुने गए हैं, मेरे देश की विघटनकारी ताकतों के सामने झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनिंदा दानदाताओं का दुनियाभर में एक तरीका रहा है। वे दुनिया के रूढ़िवादी नेताओं को निशाना बनाते हैं, संबंधित देश के किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढते हैं जिसने अमेरिका में शिक्षा हासिल की हो, उसे कट्टरपंथी बनाते हैं, फिर उसे वापस उसके देश भेजते हैं और वहां अराजकता तथा विनाश फैलाने के लिए धन मुहैया कराते हैं। इनमें से कोई भी सफल नहीं हुआ है, लेकिन इन गतिविधियों ने संबंधित देशों के विकास और शासन व्यवस्था को प्रभावित किया है।
अमेरिकी गायिका ने कहा कि लोकतंत्र और स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए हमेशा एक जवाबी आंदोलन होना चाहिए। मिलबेन ने 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया था। अफ्रीकी मूल की अमेरिकी गायिका हिंदू धर्मावलंबियों द्वारा की जाने वाली आरती ‘ओम जय जगदीश हरे’ के गायन के लिए भी भारत में बहुत लोकप्रिय हैं।














