आपदा : पीने के पानी का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। नागपुर नगर निगम ने संभावित जल संकट से निपटने के लिए कई उपाय प्रस्तावित किए हैं, क्योंकि नागपुर शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। वाहनों की धुलाई या बागवानी के लिए पीने के पानी का उपयोग करने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। महापौर नंदा ठाकोर ने नागपुर शहर में संभावित जल संकट के संबंध में जल आपूर्ति विभाग और ओसोीडब्लू के अधिकारियों के साथ बैठक की और जल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर, महापौर ने नागरिकों से उपलब्ध पानी का दुरुपयोग न करने और संभावित जल संकट की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पानी का बुद्धिमानी से उपयोग करने की अपील की।
इस अवसर पर उप महापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति की अध्यक्ष शिवानी दानी-वखरे, सत्तारूढ़ दल के नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर, जल आपूर्ति समिति अध्यक्ष दिव्या धुरडे, स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष मनीषा अतकरे, धरमपेठ जोन अध्यक्ष धनश्री देशपांडे, अतिरिक्त आयुक्त मुरुगनाथम एम., अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम, अधीक्षक अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जे, कार्यकारी अभियंता श्रीकांत वाइकर और ओसोीडब्लू के अधिकारी उपस्थित थे। इस वर्ष कम वर्षा के कारण नागपुर शहर को जल आपूर्ति करने वाले जलाशयों में केवल 58 प्रतिशत जल भंडार बचा है। महापौर ठाकोर ने अधिकारियों को जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए आगे के उपाय प्रस्तावित करने का निर्देश दिया है।
जिले में अगले आदेश तक बोरवेल खोडने पर प्रतिबंध
इस वर्ष अपर्याप्त वर्षा और जलाशयों में कम जल भंडारण के कारण जिले में संभावित जल संकट की गंभीरता को देखते हुए, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिले में बोरवेल खोदने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अनुसार, जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कुमार आशीर्वाद ने नागपुर जिले में बोरवेल खोदने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। भूजल संसाधनों की सुरक्षा, पेयजल स्रोतों पर अतिरिक्त दबाव कम करने और आने वाले समय में जल संकट की गंभीरता को रोकने के लिए सरकारी एजेंसियों के माध्यम से निवारक उपाय लागू किए जा रहे हैं। यह आदेश जिले के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू कर दिया गया है और तत्काल प्रभाव से सभी प्रकार के नए बोरवेल/कुएं की पाइप खोदने के साथ-साथ मौजूदा बोरवेलों को गहरा करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध निजी व्यक्तियों, खेत मालिकों, हाउसिंग सोसाइटियों, निर्माण पेशवरों, उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, संस्थानों के साथ-साथ बोरवेल खोदने में लगे ठेकेदारों, रिंग मालिकों और मशीन संचालकों पर भी लागू होगा।
अवैध नल जोड़ने के खिलाफ कार्रवाई
त्योहारों मौसम होने के बावजूद अवैध कनेक्शनों से पानी का उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा। ऐसे ग्राहकों को अपने अवैध कनेक्शन को वैध में बदलने का अवसर प्रदान करने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में तत्काल शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद, अवैध कनेक्शनों के स्थानों पर मीटर लगाए जाएंगे और यदि मीटरों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें हटाने का पता चलता है, तो दोषी ग्राहकों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया जाएगा, बैठक में यह भी निर्णय लिया गया।
सार्वजनिक कुओं की सफाई
शहर में सार्वजनिक कुओं की सफाई और सौर पंप लगाने के द्वारा एक छोटी जल आपूर्ति योजना शुरू करने का सुझाव दिया गया। जलाशयों से पानी की खपत कम करने के लिए, मौजूदा कुओं के पानी की गुणवत्ता की प्रयोगशाला में जांच और सफाई करने, MEDA की मदद से सौर पंप लगाने और एक छोटी जल आपूर्ति योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। ऐसी योजनाओं से प्राप्त पानी का उपयोग पीने के अलावा अन्य कार्यों जैसे वाहन धोने, बागवानी आदि के लिए भी किया जा सकता है।
विकेंद्रीकृत एसटीपी
उपयुक्त स्थानों पर विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) स्थापित करने का कार्य किया जाएगा ताकि उपचारित जल का उपयोग उद्यानों, जलक्षेत्रों में वृक्षारोपण, निर्माण कार्यों आदि के लिए किया जा सके।
सरकारी जल संकट संबंधी कार्यों के लिए अपवाद
जल संकट से राहत दिलाने, सार्वजनिक पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और संबंधित गतिविधियों के लिए सरकारी एजेंसियों द्वारा किए जा रहे या किए जाने वाले बोरवेल ड्रिलिंग कार्यों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
जिले के बाहर चारे की बिक्री और परिवहन पर प्रतिबंध
जिले में चारे की संभावित कमी को देखते हुए, पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु नागपुर जिले में चारे की बिक्री और जिले से बाहर परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट कुमार आशीर्वाद ने 8 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी किया है। महाराष्ट्र निर्यात नियंत्रण आदेश, 2001 के प्रावधानों के अनुसार, नागपुर ग्रामीण जिले में उपलब्ध हरे और सूखे चारे, भूसे, किसी भी प्रकार के पुआल, साथ ही टीएमआर की बिक्री और परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।












