सरकारी स्कूलों और परीक्षा में पेपर लीक पर उठाए सवाल
लोकवाहिनी, संवाददाता
खापरखेड़ा। शिक्षा मंत्री दादासाहेब भुसे के सामने एनएसयूआई ने सरकारी स्कूलों और परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर सीधे सवाल खड़े किए। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादासाहेब भुसे बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे चणकापुर स्थित जिला परिषद स्कूल के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान एनएसयूआई महाराष्ट्र प्रदेश सचिव साहिल कृष्णा गिरहे ने उन्हें रोककर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछे। मंत्री जब स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर जा रहे थे, तभी गिरहे ने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की स्थिति, विद्यार्थियों की परेशानियों और परीक्षाओं में सामने आ रही कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
गिरहे ने कहा कि सरकारी स्कूलों की इमारतों, मूलभूत सुविधाओं और शैक्षणिक वातावरण पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया और मांग की कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय हो, ताकि विद्यार्थियों का भरोसा बना रहे। शिक्षा मंत्री भुसे ने गिरहे की बातें सुनीं। मंत्री के सामने ही विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर सीधी चर्चा होने से यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
गिरहे ने कहा, विद्यार्थियों के अधिकार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं पर तत्काल ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।











