बिंद्यारानी ने कांस्य पदक पर जमाया कब्जा
ग्लास्गो। शर्मिला धनकर ने महिला शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक के साथ इतिहास र रचा जबकि भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव और कल्लूरी अजय बाबू ने राष्ट्रमंडल खेलों में सोमवार को रजत पदक जीतकर भारत के अभियान को यादगार बनाया। सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया तो वहीं एथलेटिक्स में कुछ अन्य खिलाड़ियों ने फाइनल और मुक्केबाजों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर देश के लिए उम्मीदें बढ़ा दीं। भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का चौथा दिन शानदार उपलब्धियों से भरा रहा, जहां दिन की सबसे बड़ी कहानी पैरा एथलेटिक्स से आई। चालीस वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो लगाकर स्वर्ण पदक जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पैरा एथलेटिक्स पदक के 20 साल के इंतजार को खत्म किया। इस स्पर्धा में एक और भारतीय खिलाड़ी शिल्पा
शायला को विवाद के बाद कांस्य पदक प्रदान किया गया। शिल्पा ने 7.26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था। शुरुआत में नाइजीरिया की यूरिचे इथियाजी कांस्य पदक की स्थिति में थीं, लेकिन भारतीय दल की आपत्ति और आधिकारिक समीक्षा के बाद उनके एकमात्र वैध प्रयास को फाउल करार दिया गया।
इसके बाद चौथे स्थान पर रहीं शिल्पा शायला को कांस्य पदक मिल गया। पदक में बदलाव की घोषणा के बाद भावुक शिल्पा ने शर्मिला के साथ जश्न मनाया। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए। एफ57 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिनके निचले अंगों में अक्षमता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की ताकत में कमी होती है। भारोत्तोलन के महिला 53 किग्रा वर्ग में एशियाई चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी ने लगातार बनते-बिगड़ते रिकॉर्ड के बीच सोमवार को रजत पदक जीता।
छत्तीसगढ़ के भोंडिया गांव की 23 साल की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 206 किलो वजन उठाते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 93 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वजन उठाया। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के रहने वाले 21 वर्षीय अजय बाबू ने स्नैच में 149 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 181 किग्रा वजन उठाकर कुल 330 किग्रा का भार दर्ज किया। उन्होंने दोनों वर्गों में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन स्वर्ण पदक से वह मामूली अंतर से चूक गए।
अनुभवी भारतीय भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी ने अच्छी चुनौती दी, लेकिन क्लीन एंड जर्क में दो नाकाम प्रयासों के कारण उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। बिंद्यारानी ने स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 112 समेत कुल 199 किलो वजन उठाया। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनकर इन खेलों में इतिहास रच दिया।
कुशारे ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर दूसरा स्थान हासिल किया। जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने स्वर्ण पदक जीता। दोनों खिलाड़ी 2.25 मीटर के बाद 2.28 मीटर पार करने में असफल रहे, लेकिन काउंटबैक नियम के आधार पर बेकफोर्ड को विजेता घोषित किया गया। इंग्लैंड के जैक किमानी ने 2.20 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। अन्य भारतीय खिलाड़ी आदर्श राम 2.15 मीटर की छलांग के साथ पांचवें स्थान पर रहे। इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों में ऊंची कूद में भारत का एकमात्र पदक तेजस्विनी शंकर ने 2022 बर्मिंघम खेलों में कांस्य पदक के रूप में जीता था, लेकिन 31 वर्षीय कुशारे ने रजत पदक जीतकर उस उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया। तेजस्विनी ने भी सोमवार को स्पर्धा में हिस्सा लिया, लेकिन बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले पुरुषों की डेकाथलान स्पर्धा की तैयारी को देखते हुए उन्होंने 2.05 मीटर के पहले प्रयास में असफल रहने के बाद हटने का फैसला किया।
भारत के लंबी कूद के खिलाड़ी एम. श्रीशंकर ने क्वालीफाईंग स्तर पार करके राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में जगह बनाई, जबकि लोकैश सत्यनाथन भी शीर्ष 12 में जगह बनाकर आगे बढ़ने में सफल रहे। श्रीशंकर ने ग्रुप-ए में अपने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की दूरी तय करके सीधे फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर है। फाइनल के लिए क्वालीफाईंग स्तर आठ मीटर या सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कम से कम 12 खिलाड़ी थे। सत्ताइस साल के श्रीशंकर ग्रुप-ए से सीधे क्वालीफाई करने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे।












