मेट्रो स्टेशन बंद व ट्रेन रद्द करने पर न्यायालय ने केंद्र से कहा- विचार करें
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र को निर्देश दिया कि 10 अक्टूबर को कॉक्रोच जनता पार्टी (कॉन्पा) के विरोध प्रदर्शन के कारण मेट्रो और दिल्ली आने वाली ट्रेन की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जाए। कॉक्रोच जनता पार्टी के शनिवार को होने वाले प्रदर्शन को लेकर ज्यादा सख्ती पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा- आपको कुछ चीजों को रोकना ही होगा। उन्हें रोकने के लिए सिर्फ उतनी ही कार्रवाई करें जितनी जरूरी हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करें। इस बात का हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी के साथ कोर्ट ने कहा कि दिल्ली मेट्रो और ट्रेन सर्विस पूरी तरह बंद नहीं कर सकते। दरअसल सीजीपी के कल होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए आज रात 9 बजे से 57 मेट्रो स्टेशन बंद होने थे। वहीं नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली 38 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें कल कैंसिल रहेंगी। वहीं, इंडिया गेट के आसपास 4 किमी के दायरे में आज रात 10 बजे से कल रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉन्पा और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का आह्वान किया।
हमारा आंदोलन होकर रहेगा : दीपेके
कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजीपी) के संस्थापक अभिजीत दीपेके ने कहा, हमारा आंदोलन होकर रहेगा। जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह है। अनुच्छेद 19 विरोध करने का मौलिक अधिकार देता है तो, फिर इजाजत लेने की क्या जरूरत है? क्या उन्होंने 13 करोड़ वोट हटाने से पहले इजाजत ली थी? आप चाहते हैं कि हम चुनाव में धांधली करने वालों के खिलाफ आवाज न उठाएं? ऐसा नहीं हो सकता। देश ऐसे नहीं चल सकता। देश को बचाने के लिए हम विरोध प्रदर्शन करेंगे।
पीठ ने कहा, हमारे सामने एकमात्र मुद्दा यह है कि क्या कुछ स्टेशनों से मेट्रो ट्रेन और रेल सेवाओं को पूरी तरह बंद करने के फैसले पर फिर से विचार करने की जरूरत है? पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि मेट्रो और अन्य ट्रेन की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाने और उसे नियंत्रित करने में अंतर है। (पेज 6 पर)












