मासूमों की मेहनत पर चल रहा था कारोबार
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए वाड़ी स्थित नीता लॉजिस्टिक्स से 18 बाल मजदूरों को रेस्क्यू किया। महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर यह कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चों से ट्रकों पर माल चढ़ाने और उतारने का काम कराया जा रहा था। प्रशासन को मिली सूचना के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान पर छापा मारा गया। कार्रवाई के दौरान वहां कई नाबालिग बच्चे काम करते पाए गए। इसके बाद सभी 18 बच्चों को तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की मेडिकल जांच कराई गई है और उनकी सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अस्थायी रूप से बालगृह में रखा गया है। (प्रशासन के अनुसार, बच्चों की काउंसलिंग, शैक्षणिक पुनर्वास और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुक्त कराए गए बच्चों को विभिन्न स्थानों से लाया गया था और उनसे श्रम कराया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि मामले में संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा संशोधित बाल श्रम अधिनियम, 2016 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे तथा सहायक श्रम आयुक्त राजदीप धुर्वे के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान, शिक्षा विभाग के प्रसेनजीत गायकवाड़, श्रम विभाग की गायत्री दुबे एवं अविनाश डोके, उपनिरीक्षक उत्तम जायभाये, कमलेश ठाकरे, मारुति मेश्राम, चाइल्ड हेल्पलाइन के अनिकेत भिवगड़े, मीनाक्षी धडाडे, मंगला टेंभुर्णे तथा ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट की शाहीना शेख, रूपाली वानखेड़े और अश्विनी चौरे ने सक्रिय भूमिका निभाई।)











