सीजेआई को लिखा पत्र : डीएमके ने भी दस्तखत किए, बोले- चुनाव आयोग की प्रक्रिया लोकतंत्र विरोधी
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। देश में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद अब न्यायपालिका के दरवाजे तक पहुंच गया है। मंगलवार को 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय राज्यसभा सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को संयुक्त पत्र भेजकर चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने के लिए किया जा रहा है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि यह केवल मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने की नियमित प्रक्रिया है। इंडिया गठबंधन ने 8 जून को हुई अपनी बैठक में फैसला लिया था कि चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मुख्य न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजा जाएगा। इसी निर्णय के तहत मंगलवार को यह पत्र भेजा गया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब इस पत्र पर 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद के हस्ताक्षर हैं और विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट है। (पेज 6 पर)
भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश : टीएमसी
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल भारतीय जनता पार्टी को चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से विपक्षी दलों ने मुख्य न्यायाधीश से चुनावी प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा कराने की मांग की है।












