गढ़चिरौली में 24 सड़कें बंद, 700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
लोकवाहिनी संवाददाता
गढ़चिरौली। जिले में बुधवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं। भारी बारिश और बाढ़ के कारण 24 प्रमुख सड़क मार्गों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। भामरागढ़ तहसील में बाढ़ से प्रभावित 700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं मुख्यमंत्री और जिले के संरक्षक मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जिला प्रशासन से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। भामरागढ़ तहसील में पामुलगीतमी नदी और आसपास के उफनते नालों में फंसे एक ही परिवार के दो बच्चों समेत तीन लोगों को आपदा प्रबंधन टीम ने बुधवार रात सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन के अनुसार जिले में औसतन 123 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कुछ इलाकों में 200 मिमी से अधिक वर्षा हुई है। इधर मुलचेरा तहसील में नव नियुक्त वन परिक्षेत्र अधिकारी मोहम्मद अजहरुद्दीन भी बाढ़ में फंस गए। आंधी से मुलचेरा जाते समय रेंगेवाही के पास नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया और उनकी कार पुल के नीचे फँस गई।
सूचना मिलते ही तहसीलदार चेतन पाटिल, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। भारी बारिश के चलते गोसीखुर्द बांध के सभी 33 गेट आधा मीटर तक खोल दिए गए हैं, जिससे करीब 1.35 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं चामोर्शी के चिंचडोह बांध से 91 हजार क्यूसेक और तेलंगाना के मेडिगड्डा प्रोजेक्ट से 81 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। पिछले 24 घंटे में मुलचेरा तहसील में 163.8 मिमी और गढ़चिरौली तहसील में 163.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक वर्षा भामरागढ़ मंडल में 241.7 मिमी रिकॉर्ड की गई, जिससे इंद्रावती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ के कारण गढ़चिरौली-धानोरा, आलापल्ली-भामरागढ़, आष्टी-आलापल्ली, चामोर्शी-आष्टी, कुरखेड़ा-वैरागढ़, एटापल्ली-कसनसुर, मुलचेरा-आलापल्ली, अहेरी-देवलमारी सहित कुल 24 प्रमुख मार्गों पर यातायात बंद कर दिया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है।
कई गांवों का एटापल्ली से संपर्क टूटा
एटापल्ली। एटापल्ली-कसनसुर मुख्य मार्ग पर निर्माणाधीन दोनों पुलों का कार्य अब तक पूरा नहीं होने के कारण लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति से कई गांवों का एटापल्ली तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन सहित दैनिक आवश्यकताओं के लिए गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के चलते क्षेत्र की नदियां और नाले उफान पर हैं। पुलों का निर्माण अधूरा होने से वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध नहीं हैं। परिणामस्वरूप पुलों के आसपास का रास्ता पानी में डूब गया है और सभी प्रकार की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। संपर्क टूटने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं, सरकारी कार्यालयों के कार्य, विद्यार्थियों की पढ़ाई तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और छात्रों को हो रही है। आपातकालीन परिस्थितियों में राहत और चिकित्सा सहायता पहुंचाना भी चुनौती बन गया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से निर्माणाधीन दोनों पुलों का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बरसात शुरू होने से पहले पुलों का निर्माण पूरा कर लिया गया होता, तो आज ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। प्रशासन ने बताया है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर कम होने के बाद ही मार्ग पर यातायात बहाल किया जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी से गुजरने का प्रयास न करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
साकोली के 8 रास्ते बंद,गोसेखुर्द बांध के 29 गेट खोले गए
भंडारा। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में पिछले 24 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे अधिक असर साकोली तहसील में देखने को मिला, जहां भारी बारिश के कारण आठ सड़कें जलमग्न हो गई हैं। कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं से भी लोगों को मुश्किलें बढ़ गई हैं। वैनगंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के चलते गोसेखुर्द परियोजना के 33 में से 29 गेट आधा मीटर तक खोल दिए गए हैं। बांध से 3,388 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कारण क्षेत्र में वैनगंगा नदी का जलस्तर 244 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। साकोली तहसील में पिछले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते खांबा-वांगी, विरसी-उकारा, माटुलोला-खांबा, सोमनाला-मिरगांव, सोनपुरी-बोटरा, न्याहरवानी-कटंगधरा और बौर्ड-गिरोला समेत आठ मार्गों पर आवागमन बंद कर दिया गया है। सानगड़ी, सालेकड़ी और सैंदूरवाफा गांवों में कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। भंडारा तहसील के गरडा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक गाय की मौत हो गई, वहीं शाहपुर और धारगांव में कुल सात घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। खनी तहसील के मुरमाड़ी मंडल में 77.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। लाखनीदूर तहसील में ढाई-वाक्खल मार्ग भी जलभराव के कारण बंद कर दिया गया है। उधर, साकोली के शंकरपुर-वडेगांव क्षेत्र में तेज आंधी से खेतों में लगे करीब 10 बिजली के खंबे गिर गए और कई पेड़ उखाड़ गए, सोलर पैनल, बोरवेल पंप और धान की रोपाई को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।











