सभी घटनाएं सीसीटीवी में कैद : एसआईटी दो दिन में सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगी चार्जशीट
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया गया कि मंदिर के सीसीटीवी फुटेज की जांच में चढ़ावा चोरी की कोई 70 नहीं, बल्कि कुल 105 घटनाएं कैद हुई हैं।
मामले में जांच अब अहम और अंतिम मोड़ पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी एसआईटी दो दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल करेगी। एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान चढ़ावे की चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं की पहचान की गई है। ऐसे में अब चार्जशीट के जरिए जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट की पीठ को बताया कि पहली गिरफ्तारी की तारीख से 90 दिन की अवधि 25 सितंबर को पूरी हो जाएगी। अगर इससे पहले चार्जशीट दाखिल नहीं की गई तो आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिलने का आधार बन सकता है। इसी वजह से सरकार ने अदालत को बताया कि एसआईटी दो दिन में चार्जशीट दाखिल करेगी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने की।
एसआईटी ने जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट भी अदालत में पेश की, जिसका पीठ ने अवलोकन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसी फुटेज के आधार पर चढ़ावे की चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं की पहचान की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन घटनाओं की जांच पूरी हो चुकी है। एसआईटी के अनुसार अब जांच का अगला चरण चार्जशीट दाखिल करना है। हालांकि, इन 105 घटनाओं में कितनी रकम की चोरी हुई या किन लोगों की भूमिका सामने आई, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इन विवरणों का खुलासा चार्जशीट में होने की बात कही गई है। मामले में 25 सितंबर की तारीख इसलिए अहम है क्योंकि पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिन की अवधि उस दिन पूरी हो रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अगर इस अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की गई तो आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिल सकती है। इसी वजह से उन्होंने अदालत में कहा कि चार्जशीट दो दिन के भीतर दाखिल कर दी जाएगी। एसआईटी की ओर से जांच पूरी होने और स्टेटस रिपोर्ट सौंपे जाने की जानकारी भी अदालत को दी गई है। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच को लेकर दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवाई हुई। (पेज 6 पर)
25 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर
रामजन्मभूमि थाने में गत 25 जून को 8 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिंकू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा के नाम शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इन पर मंदिर से चोरी करने, कर्मचारी के रूप में संपत्ति की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति को छिपाने या उसके इस्तेमाल में सहायता करने, आपराधिक साजिश रचने और साझा मंशा से अपराध को अंजाम देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। वर्तमान में ये सभी आरोपी फैजाबाद जेल में बंद हैं।













