निशिन (जापान)। स्मृति मंधाना और ऋचा घोष की तूफानी पारियों के बाद स्पिनरों के फिरकी के जादू से गत चैंपियन भारत ने एशियाई खेलों के महिला टी20 क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल में मंगलवार को यहां श्रीलंका को 147 रन से रौंदकर स्वर्ण पदक जीता जो मौजूदा खेलों में देश का सोने का पहला तमगा है।
भारत के 217 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम दीप्ति शर्मा (छह रन पर तीन विकेट), शेफाली वर्मा (तीन रन पर दो विकेट), श्रेयंका पाटिल (नौ रन पर दो विकेट) और श्री चरणी (13 रन पर दो विकेट) की बलखाती गेंदों के सामने 15.4 ओवर में सिर्फ 69 रन पर ढेर हो गई। श्रीलंका की ओर से कप्तान चामरी अटापट्टू ने सर्वाधिक 29 रन बनाए जबकि उनके अलावा सिर्फ कौशिनी नुथ्यांगना (14) और कविशा दिलहारी (11) ही दोहरे अंक में पहुंच सकीं। भारत ने इसी महीने श्रीलंका को ही हराकर एशिया कप का खिताब भी जीता था। भारत ने इससे पहले स्मृति (45 गेंद में 79 रन, सात छक्के, पांच चौके) के अर्धशतक और शेफाली (48 रन, 29 गेंद, तीन छक्के, तीन चौके) के साथ उनकी पहले विकेट की 99 रन की तेजतर्रार साझेदारी की बदौलत तीन विकेट पर 216 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। ऋचा घोष (22 गेंद में नाबाद 49 रन, छह चौके, तीन छक्के) ने डेथ ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी करते हुए भारत का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। श्रीलंका को रजत पदक मिला जबकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 31 रन से हराकर कांस्य पदक जीता।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद आधिकारिक प्रसारक से कहा, ‘टूर्नामेंट से पहले हमने अजय रहने और अपने लिए तय किए गए ऊंचे मानकों के अनुरूप खेलने की बात की थी। यह देखकर बहुत संतोष होता है कि प्रत्येक सदस्य हर मैच में इतने सकारात्मक नजरिए के साथ उतर रहा है। उन्होंने कहा, कुल मिलाकर अनुभव और नई प्रतिभा के बीच संतुलन बिल्कुल सही रहा और जब जरूरत पड़ी तब सभी ने अपना योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरे श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम कभी लक्ष्य के करीब पहुंचने की स्थिति में भी नहीं दिखी। श्रीलंका ने पावर प्ले में दो विकेट खोकर 41 रन बनाए। क्रांति गौड़ के पहले ही ओवर में श्रेयंका पाटिल ने इमेषा दुल्हन का आसान कैच टपकाया। कप्तान चामरी अटापट्टू ने नंदनी शर्मा पर दो चौके जड़े लेकिन शेफाली ने तीसरे ओवर में इमेषा (03) को ऋचा के हाथों स्टंप करा दिया। चामरी ने क्रांति पर भी दो चौके मारे लेकिन शेफाली ने हसिनी परेरा (00) को पैवेलियन भेजकर श्रीलंका को दूसरा झटका दिया।
चामरी भी इसके बाद रन गति बढ़ाने के दबाव में दीप्ति शर्मा की गेंद को हवा में खेलकर भारतीय फुलमाली को आसान कैच दे बैठीं। श्रेयंका ने हर्षिता समरविक्रम (00) को अपनी ही गेंद पर लपका जबकि श्री चरणी ने हसिमा करुणात्ने (01) को भारती के हाथों कैच कराके नौवें ओवर में श्रीलंका का स्कोर पांच विकेट पर 49 रन कर दिया। दीप्ति ने कविशा दिलहारी (11) को अपनी ही गेंद पर लपका जबकि श्रीचरणी ने काव्या काइंडिंजी (02) को ऋचा के हाथों कैच कराके श्रीलंका को सातवां झटका दिया। श्रेयंका ने कौशिनी को बोल्ड करके मौजूदा खेलों में भारत के स्वर्ण पदक का खाता खोला। इससे पहले गत चैंपियन भारत ने टॉस जीतने के बाद पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। स्मृति और शेफाली ने छह ओवर में टीम का स्कोर बिना विकेट खोए 59 रन तक पहुंचाया। एशिया कप से ही शानदार फॉर्म में चल रही दोनों सलामी बल्लेबाजों ने 60 गेंद में 99 रन की साझेदारी करके फाइनल में टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। भारत को रोकने के लिए कुछ विशेष करने की जरूरत थी लेकिन श्रीलंकाई टीम की गेंदबाजी में साधारण नजर आई और उसने भारतीय सलामी बल्लेबाजों को अपनी शर्तों पर खेलने दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बधाई दी और कहा कि इस जीत के साथ भारत ने इस संस्करण में अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, भारतीय क्रिकेट की शानदार जीत! एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर हमारी महिला क्रिकेट टीम को हार्दिक बधाई! खेलों में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसमें आत्मविश्वास, कौशल और बेहतरीन टीम भावना देखने को मिली। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों के इस संस्करण में अपना पहला पदक हासिल किया है। उन्होंने कहा, टीम ने देश को गौरवान्वित किया है और यह देशहुर के अनगिनत युवा क्रिकेटरों को प्रेरित करेगी। पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं!













