नई दिल्ली। नीट परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब धीरे-धीरे पूरे देश में फैल रहा है। इसी बीच शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने केंद्रीय मंत्रियों से शुक्रवार को कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उसकी मांग को लेकर कोई समझौता नहीं हो सकता। कॉजपा ने तीन मई को हुई नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की भी मांग की।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक अहम बैठक की। विट्ठल पटेल हाउस में लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जेपी नड्डा ने बताया कि सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक लगभग 2 घंटे तक चली। प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें और परीक्षा सुधार से जुड़े 5 सुझाव रखे हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान नड्डा ने आगे बताया कि सरकार ने सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि वे आपस में चर्चा करने के बाद शनिवार दोपहर फिर से प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे और अपने जवाब से अवगत कराएंगे। बता दें कि इस बैठक में सीजेपी की ओर से मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका शामिल हुए। इससे पहले सीजेपी ने सरकार के साथ बातचीत के लिए दो शर्तें रखी थीं, पहला शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो और प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा मिले।










