पंद्रह वर्षीय गर्भवती ने तीन किलोग्राम के बच्चे को जन्म दिया
लोकवाहिनी, संवाददाता
भंडारा। भंडारा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पंद्रह वर्षीय लड़की ने तीन किलोग्राम के बच्चे को जन्म देने के बाद दम तोड़ दिया। खबरों के मुताबिक, मंगलवार (22 सितंबर) को जिला सामान्य अस्पताल में प्रसव हुआ। बताया जा रहा है कि प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ गई और उसकी मृत्यु हो गई। हालांकि, मृत्यु का सटीक कारण, प्रसव सामान्य था या शल्य चिकित्सा द्वारा और उपचार के दौरान क्या चिकित्सीय जटिलताएं उत्पन्न हुईं, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं है।
छत्तीसगढ़ से कई परिवार रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र आते हैं और विभिन्न स्थानों पर मजदूरी के रूप में काम करते हैं। ऐसा ही एक परिवार नागपुर जिले के मौदा तहसील के अरोली में बस गया था। इसी परिवार में नाबालिग लड़की अपने माता-पिता और भाई के साथ रहती थी। छत्तीसगढ़ का एक 21 वर्षीय युवक भी उसी इलाके में रहता था। आरोपी युवक का नाम कार्तिक अर्जुन कुर्वे, छत्तीसगढ़, पोस्ट ऑफिस अरोली, जिला नागपुर है। मृतक नाबालिग लड़की और आरोपी युवक एक-दूसरे को जानते थे क्योंकि वे एक ही राज्य के थे। बाद में उनके बीच प्रेम संबंध विकसित हो गया। पता चला है कि इस प्रेम संबंध से नाबालिग लड़की गर्भवती हो गई। सोमवार को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसे भंडारा के जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिलचस्प बात यह है कि जब लड़की को जिला अस्पताल लाया गया था, तब आरोपी कार्तिक कुर्वे उसके साथ था। मंगलवार को जिला सामान्य अस्पताल में एक महिला ने तीन किलोग्राम के एक नवजात शिशु को जन्म दिया। नवजात शिशु का स्वास्थ्य उत्तम बताया जा रहा है।
हालांकि, प्रसव के बाद मां की हालत बिगड़ गई और उनकी मृत्यु हो गई। इस बीच, अरोली पुलिस ने इस मामले में 21 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, जिला अस्पताल प्रशासन ने इस घटना के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। मेडिकल कॉलेज के डीन से पूछे जाने पर उन्होंने मामले के बारे में जानकारी देने में असमर्थता जताई। संबंधित पुलिस अधिकारियों से भी पूछा गया, लेकिन उन्होंने भी विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। नाबालिग लड़की की गर्भावस्था, प्रसव और उसके बाद नाबालिग मां की मृत्यु, ये चारों पहलू बेहद गंभीर हैं। इसलिए, न केवल मृत्यु के कारण के बारे में आधिकारिक जानकारी होना महत्वपूर्ण होगा, बल्कि गर्भावस्था से लेकर प्रसव तक के उपचार के चिकित्सा रिकॉर्ड, अस्पताल में लिए गए निर्णय और प्रसवोत्तर उपचार से संबंधित जानकारी भी आवश्यक होगी। इन सवालों के जवाब केवल चिकित्सा रिपोर्ट और पुलिस जांच से ही स्पष्ट होंगे।













