सड़क न होने के कारण किसान का अनोखा निर्णय
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। मौजा आजनगांव के किसान प्रमोद पंजाबराव मोहोड के खेत तक जाने के लिए सड़क न होने के कारण उन्होंने अपनी 3.32 एकड़ जमीन सरकार को श्मशान घाट के लिए दान करने का फैसला किया है। वे चाहते हैं कि कृषि संबंधी समस्या का समाधान हो। प्रमोद मोहोड का खेत नागपुर जिले के काटोल तहसील के मेंढेपाठर चौकी के मौजा आजनगांव के सर्वे नंबर 12 में है, जबकि सुभाष भाऊराव जिचकार का खेत सर्वे नंबर 7 में है। संबंधित किसानों का दावा है कि सर्वे नंबर 3 और 8 में तटबंध से आजनगांव-लखोली डामर सड़क के किनारे-किनारे इन खेतों तक जाने के लिए एक पुरानी कृषि सड़क हुआ करती थी।
उनका दावा है कि इस सड़क का उपयोग पूर्व खेत के किसान, मेटपंजरा रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री और कोहला गांव के नागरिक करते थे। बताया गया कि यह सड़क 1912-13, 1977-78 और 1986-87 के नक्शों के साथ-साथ वाजिब-उल-अर्ज अभिलेखों में भी दर्ज है। उनका दावा है कि सर्वे नंबर 3 के 72वें पैराग्राफ में भी इस सड़क का उल्लेख है।
प्रमोद मोहोड का खेत नागपुर जिले के काटोल तहसील के मेंढेपाठर चौकी के मौजा आजनगांव के सर्वे नंबर 12 में है, जबकि सुभाष भाऊराव जिचकार का खेत सर्वे नंबर 7 में है। संबंधित किसानों का दावा है कि सर्वे नंबर 3 और 8 में तटबंध से आजनगांव-लखोली डामर सड़क के किनारे-किनारे इन खेतों तक जाने के लिए एक पुरानी कृषि सड़क हुआ करती थी। उनका दावा है कि इस सड़क का उपयोग पूर्व खेत के किसान, मेटपंजरा रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री और कोहला गांव के नागरिक करते थे। संबंधित किसानों के अनुसार, जेसीबी की सहायता से तटबंध से नाली खोदकर और तार की बाड़ लगाकर सड़क को बंद कर दिया गया था।
इसके बाद, सुभाष जिचकार ने 16 जनवरी, 2020 को तहसीलदार को बैलगाड़ी मार्ग खोलने के लिए आवेदन दिया था। हालांकि, उनका कहना है कि इस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। इसी बीच, प्रमोद मोहोड़ द्वारा 12 मार्च, 2024 को तहसीलदार को आवेदन देने के बाद, 7 अक्टूबर, 2025 को सरकारी सड़क को खाली करने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद, भूमि अभिलेख विभाग ने 16 दिसंबर, 2025 को सीमांकन के लिए नोटिस जारी किया। इस नोटिस के विरुद्ध 23 दिसंबर को उप-विभागीय अधिकारी के समक्ष अपील दायर की गई। उसी दिन स्थगन आदेश जारी कर दिया गया। बताया गया कि इसके बाद मामले को तहसीलदार के पास भौतिक निरीक्षण और संशोधित आदेश जारी करने के निर्देशों के लिए वापस भेज दिया गया था। आजनगांव (नागमोते) में श्मशान घाट न होने की बात कहते हुए मोहोड ने अपनी पूरी 3.32 एकड़ जमीन सरकार को दान करने का फैसला किया है।












