नई दिल्ली। 19 विपक्षी दलों ‘इंडिया’ गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के कामकाज के विरोध में 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च निकालकर प्रदर्शन करने का फैसला किया है। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की 8वीं बैठक के बाद यह संयुक्त कार्ययोजना तैयार की गई। करीब 3 घंटे चली बैठक में 3 बातों पर सहमति बनी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाया जाए, वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों को सार्वजनिक किया जाए, नाम हटाने से पहले वोटर को नोटिस और अपील का मौका मिले और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।
बैठक के बाद खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी- शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया है। भाजपा चुनाव आयोग के साथ वोट चोरी कर रही है। ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), शिवसेना (उद्धवठा), राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शामिल हुए। इनके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस (एम), मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एमडीएमके), विदुथलाई चिरुथगल काची (वीसीके), रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल कांग्रेस (जे) और ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को सजा मिलेगी: राहुल
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल भारतीय संविधान के ‘सामूहिक रक्षक’ हैं तथा वे मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को सजा मिले। उन्होंने ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक के बाद यह उम्मीद भी जताई कि विपक्षी दल आने वाले कुछ महीनों में देश में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने संवाददाताओं से कहा, ‘विपक्ष इस बात को देश की जनता तक पहुंचाने में काफी हद तक सफल रहा है कि चुनाव चोरी किए जा रहे हैं… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीईसी ज्ञानेश कुमार ने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट नहीं किया है।’ उनका कहना था, हम इसे चुपचाप स्वीकार नहीं करने वाले हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे और यह इंडिया गठबंधन के सभी नेताओं की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है कि जिन लोगों ने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट किया है, उन्हें सजा मिले। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितने वरिष्ठ हैं या वे कौन हैं। भारतीय लोकतंत्र इस देश के प्रत्येक व्यक्ति से बड़ा है। गांधी ने कहा, देश के लोगों खासतौर युवाओं में एक नया प्रतिरोध देखने को मिल रहा है। उनका मानना है कि भारत में जो हो रहा है वह गलत है और इसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे ‘भारतीय संविधान के सामूहिक रक्षक’ हैं।
अलग-अलग प्रदर्शन ठीक नहीं, भड़के उद्धव ठाकरे
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ साझा रणनीति तय करने के लिए नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में वर्चुअली जुड़े उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया और मुख्य विपक्षी दल को खरी-खोटी सुनाई। लगभग 10 मिनट के अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस की एकल चलो नीति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अलग-अलग प्रदर्शन करने से गठबंधन की एकजुटता और संदेश दोनों कमजोर पड़ते हैं। बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस द्वारा अलग-अलग राज्यों में अकेले आयोजित किए जा रहे धरना-प्रदर्शनों पर खुलकर आपत्ति जताई। उन्होंने महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी द्वारा अलग से किए जा रहे प्रदर्शन का विशेष रूप से उल्लेख किया।
उद्धव ने कहा कि गठबंधन के सहयोगियों का इस तरह अलग-अलग कार्यक्रम करना सही संदेश नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को प्रभावी ढंग से घेरना है, तो सभी दलों को अपनी अलग राह छोड़नी होगी और ‘इंडिया’ गठबंधन के एक ही साझा बैनर तले मैदान में उतरना होगा। उद्धव ठाकरे ने बैठक में जानकारी दी कि 4 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र में शिवसेना ठाकरे गुट चुनाव आयोग के खिलाफ एक विशाल आंदोलन और मुंबई मार्च करने जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब पूरे देश में विपक्ष एकजुट होकर एक साथ रैलियां और प्रदर्शन करेगा, तभी आंदोलन का वास्तविक प्रभाव दिखेगा। दरअसल, चुनाव आयोग से जुड़े खुलासों के बाद कांग्रेस ने अपनी सभी प्रदेश इकाइयों को अलग-अलग प्रदर्शन करने का निर्देश दिया था। उद्धव की मुख्य चिंता यही थी कि व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय गठबंधन को एक संयुक्त मोर्चे के रूप में जनता के बीच जाना चाहिए।












