30 हजार से अधिक स्टार्टअप, 2 लाख युवाओं को एआई प्रशिक्षण : देवेंद्र फडणवीस
मुंबई। वित्त, उद्योग, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में देश को नेतृत्व देने वाला महाराष्ट्र अब स्टार्टअप की संख्या और उसके क्रियान्वयन, इन दोनों मामलों में भारत की स्टार्टअप राजधानी बन गया है। यह सामर्थ्य और युवाओं का अनुसंधान महाराष्ट्र को निश्चित रूप से भविष्य में दुनिया का इनोवेशन हब बनाएगा, ऐसा आशावाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। एनसोपीए स्थित जमशेद भाभा सभागार में गेट्स फाउंडेशन और समग्र संस्था के समन्वय से आयोजित ‘द गवर्नेंस चैलेंज’ प्रतियोगिता के चौथे संस्करण के विजेताओं को मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस बोल रहे थे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, मित्रा की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य दीपक करंदीकर उपस्थित थे। प्रतियोगिता के बारे में समग्र संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव गोयल ने जानकारी दी। इसके बाद चयनित छह टीमों ने अपने विषय पर प्रस्तुति दी। महाराष्ट्र को 2035 तक अनुसंधान की दृष्टि से विकसित करने के लिए नवाचारों का आविष्कार यह इस प्रतियोगिता का विषय था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि महाराष्ट्र सहित देश की भावी प्रशासनिक संरचना को आकार देने वाली प्रतिभाओं और विचारों को खोजने की पहल है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण, डिजिटल प्रशासन, शहरीकरण, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के क्षेत्रों में नई पीढ़ी का दृष्टिकोण प्रशासन में लाने का सरकार का उद्देश्य है।
सन 2047 तक विकसित भारत और विकसित महाराष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है। नागपुर, नासिक, कोल्हापुर, नांदेड़, अमरावती सहित राज्य के किसी भी हिस्से के युवा शोधकर्ताओं को मार्गदर्शन, प्रौद्योगिकी, इंक्यूबेशन और बाजार उपलब्ध होना चाहिए। कक्षा में विचार से वैश्विक कंपनी तक और विचार से वास्तविक परिणाम व वैश्विक विस्तार तक की पूरी नवाचार श्रृंखला महाराष्ट्र में खड़ी की जा रही है। हैकाथॉन का अंत केवल प्रमाणपत्र देने से न होकर उसमें शामिल विचारों के वास्तविक क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण है, ऐसा भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, देश के कुल स्टार्टअप में से 18 प्रतिशत स्टार्टअप महाराष्ट्र में हैं। राज्य में 30 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं और यह संख्या देश में सर्वाधिक है। नए विचारों का अनुसंधान, परीक्षण और क्रियान्वयन करने के लिए स्टार्टअप, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों का एक साथ आना आवश्यक है। राज्य के पहले समर्पित स्टार्टअप इनक्यूबेटर के रूप में ‘एम-हब’ विकसित किया जा रहा है। नवी मुंबई में 300 एकड़ क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी पर केंद्रित ‘इनोवेशन सिटी’ बनाई जाएगी। महाराष्ट्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति 2026 के तहत दो लाख युवाओं और पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा एआई आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए राज्य में एआई इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे। सरकारी डेटा युवा नवोन्मेषकों के लिए नए अनुसंधान का आधार बनेगा, ऐसा विश्वास भी मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया।













