राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 12 बड़े फैसले; ट्रैफिक चालान पर 20% छूट और छात्रों का भत्ता दोगुने से ज्यादा बढ़ा
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 12 फैसले लिए गए। इन फैसलों से वाहन चालकों, विद्यार्थियों, किसानों, पशुपालकों और सहकारी संस्थाओं को राहत मिलेगी। वाहनों पर लंबित जुर्माने के भुगतान के लिए अभय योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के निर्वाह भत्ते में वृद्धि को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
पशु चिकित्सा विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत पशु चिकित्सा पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। इससे विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के पशु चिकित्सालयों में सेवाएं देने के लिए उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही किसानों और पशुपालकों को पशुधन की देखभाल में मदद मिलेगी।
वाहन चालकों के लिए अभय योजना नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों पर लगाए गए लंबित जुर्माने की वसूली के लिए ‘महाराष्ट्र यातायात पुलिस ई-चालान अभय योजना-2026’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत लंबित जुर्माने की राशि पर एकमुश्त आधार पर 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इससे वाहन चालकों को बकाया जुर्माना भरकर राहत पाने का अवसर मिलेगा।
पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के निर्वाह भत्ते में वृद्धि छात्रावासों में रहने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), विमुक्त जाति, घुमंतु जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के निर्वाह भत्ते में दोगुने से अधिक वृद्धि करने को मंजूरी दी गई है। इसके अनुसार विभागीय स्तर के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को हर महीने 1,500 रुपये, जबकि जिला मुख्यालयों के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को 1,300 रुपये निर्वाह भत्ता मिलेगा।
पालघर जिले में तीन ग्राम न्यायालय पालघर जिले के तलासरी, मोखाडा और विक्रमगढ़ में तीन ग्राम न्यायालय स्थापित करने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इन न्यायालयों के लिए प्रत्येक न्यायालय में पांच के हिसाब से कुल 15 सहायक पद मंजूर किए गए हैं। साथ ही आवश्यक खर्च के प्रावधान को भी स्वीकृति दी गई है।
मुखेड में वरिष्ठ स्तर का दीवानी न्यायालय नांदेड जिले के मुखेड में वरिष्ठ स्तर का दीवानी न्यायालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इससे पहले मंजूर किए गए संयुक्त न्यायालय के स्थान पर अब दीवानी न्यायाधीश (वरिष्ठ स्तर) का नियमित न्यायालय शुरू किया जाएगा। इस न्यायालय के लिए आवश्यक पदों और खर्च के प्रावधान को भी मंजूरी दी गई है।
बिडगांव-तरौड़ी नगर पंचायत को जमीन नाग्पुर जिले की बिडगांव-तरौड़ी (खुर्द) नगर पंचायत को प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए 1 हेक्टेयर 86 आर जमीन देने का निर्णय लिया गया है। यह जमीन पाहुर्णा (तहसील कामठी) में स्थित है।
बड़ी सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडल में 5 सदस्यों की नियुक्ति
राज्य में 500 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक कारोबार वाली सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडल में सरकार की ओर से पांच सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें सहायक निबंधक स्तर से कम दर्जे का न होने वाला एक सरकारी अधिकारी और संस्था के कामकाज का अनुभव रखने वाले चार व्यक्ति शामिल होंगे। सरकारी अधिकारी को मतदान का अधिकार नहीं होगा, जबकि अन्य चार सदस्यों को संचालक मंडल में मतदान का अधिकार मिलेगा। हालांकि, ये चारों सदस्य संस्था के पदाधिकारियों के चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। यह संशोधन जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों पर लागू नहीं होगा। इसके लिए महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, 1960 की धारा 73 एएए (2) में संशोधन करने को मंजूरी दी गई है।














