धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस समारोह के लिए मनपा की यंत्रणा तैयार
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। नगर आयुक्त डॉ. विपिन इनटकर ने निर्देश दिया है कि 20 अक्टूबर को होने वाले धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के मुख्य समारोह और इन दिनों में भी दीक्षाभूमि में प्रवेश करने वाले बौद्ध अनुयायियों के लिए नागरिक सुविधाओं और स्वास्थ्य के संदर्भ में, संपूर्ण दीक्षाभूमि क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता प्रदान करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नगर आयुक्त ने मंगलवार (13 ऑक्टो.) को दीक्षाभूमि क्षेत्र का दौरा कर धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस अवसर पर नगर निगम द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर नागपुर नगर निगम के अधिकारी, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसके लिए दीक्षाभूमि क्षेत्र, पीकेवी, आईटीईआई और कर्बेज हाई स्कूल में विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्मित नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा, मनपा द्वारा चिकित्सा और परिवहन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त अंकित, अतिरिक्त आयुक्त मुरुगनाथम, अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम, पुलिस उपायुक्त ऋषिकेश रेड्डी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रवीण महिरे, महक अभियंता लीना उपाध्याय, उत्पादक राजेश भगत, अधीक्षक अभियंता विजय गुरुबख्शानी, समाज कल्याण विभाग की सहायक निदेशक सुकेशनी तेलगोटे, स्वच्छता अधिकारी डॉ. गजेन्द्र महाले, कार्यकारी अभियंता श्रीकांत वांिकर, सहायक आयुक्त धनंजय जाधव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र उचके, परिवहन विभाग के प्रशासनिक अधिकारी योगेश लुंगे, चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक सेल होकर, कार्यकारी अभियंता राजेंद्र राठौड़, परियोजना अभियंता राजीव गौतम, जनसंपर्क अधिकारी मनीष सोनी और क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी ऋषिकेश इंगले उपस्थित थे।
अनुयायियों के लिए वॉटरप्रूफ डोम की व्यवस्था
इस वर्ष, श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में नागरिक सुविधाओं से लैस 21 डोम का निर्माण किया गया है। ये सभी डोम वॉटरप्रूफ होंगे। इनका निर्माण जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय एवं सहायता विभाग की सहायता से किया गया है। इनमें से 5 डोम दीक्षाभूमि क्षेत्र में होंगे। इस क्षेत्र में स्थित पीकेवी स्नातकोत्तर छात्रावास में 6 डोम की व्यवस्था की जाएगी, और कर्बेज हाईस्कूल में 4 डोम में श्रद्धालु ठहर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, सरकारी आईटीईआई भवन, जिला मलेरिया कार्यालय, उंटखाना, अंबाझरी, बैधनाथबाग और ड्रैगन पैलेस में एक-एक डोम का निर्माण किया गया है। इनमें से प्रत्येक डोम में 1 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही, जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय एवं सहायता विभाग ने विदर्भ वैधानिक विकास निगम के सामाजिक न्याय एवं सहायता विभाग के भवन के भूतल पर अनुयायियों के रहने की व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। नगरपालिका 24 घंटे चिकित्सा सेवा प्रदान करेगी। साथ ही, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग द्वारा क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने के लिए 24 घंटे सफाईकर्मी तैनात किए जाएंगे।
तालाब में न करें स्नान
कई श्रद्धालु सुबह उठकर अंबाझरी तालाब में स्नान करने जाते हैं। अंबाझरी तालाब के दक्षिण और उत्तर दिशाओं में, साथ ही आईटीईआई क्षेत्र और जन स्वास्थ्य विभाग क्षेत्र में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग स्नानघर बनाए जा रहे हैं। नलों के माध्यम से श्रद्धालुओं को पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
1200 शौचालयों का निर्माण
आश्रय स्थलों के पास अस्थायी शौचालय स्थापित किए गए हैं। नगर निगम ने क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में 1235 शौचालय स्थापित किए हैं। प्रत्येक शौचालय में हाथ-पैर धोने की व्यवस्था की गई है। आयुक्त डॉ. इनटकर ने बताया कि इस वार्षिक आयोजन के लिए स्थायी शौचालयों के निर्माण के प्रयास जारी हैं। इसी प्रकार, नगर निगम यहां जल आपूर्ति भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने आगे कहा कि ये सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं और नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था अगले दो दिनों में पूरी हो जाएगी।












