पुणे के प्रसिद्ध दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में उपचार के दौरान 6 वर्षीय बच्ची प्रियांशा बागड़े की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बच्ची को आंखों के तिरलेपन और काचबिंदू के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन थिएटर में ले जाते समय प्रियांशा पूरी तरह स्वस्थ और होश में थी, लेकिन कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर होने की जानकारी दी।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गलत एनेस्थीसिया दिए जाने और अस्पताल की लापरवाही के कारण बच्ची की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि उपचार के दौरान बच्ची के मुंह से खून भी निकल रहा था। घटना के बाद पूरे पुणे शहर में आक्रोश फैल गया। शिवसेना वैद्यकीय मदत कक्ष की ओर से अस्पताल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार किया है, जबकि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहे हैं।












