स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में दी जानकारी
लोकवाहिनी, संवाददाता |
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सोमवार को कहा कि वह आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने राज्य विधानसभा में यह जानकारी दी। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान दिए गए उनके इस बयान के बीच विपक्ष पिछले सप्ताह हुए टीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर भुसे के इस्तीफे की मांग कर रहा है। भुसे ने घोषणा की कि सरकार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित करेगी, जो टीईटी और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाएं ऑनलाइन (कंप्यूटर आधारित) माध्यम से आयोजित करने की रूपरेखा तैयार करेगी। टीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले पर सदन में वक्तव्य देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और वे पुलिस हिरासत में हैं। मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। भुसे ने कहा, राज्य में 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया जा सकता है या नहीं। मकोका के तहत संगठित अपराध गिरोह से जुड़े आरोपी को जमानत मिलना अपेक्षाकृत कठिन होता है और पुलिस को आरोपपत्र दाखिल करने के लिए अधिक समय मिलता है।
■ मास्टरमाइंड बिजेंद्र गिरफ्तार
महाराष्ट्र में सरकारी शिक्षक बनने की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गैंग पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। टीईटी परीक्षा पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को पुलिस ने दबोच लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद परीक्षा घपले के तार कई राज्यों से जुड़ते दिख रहे हैं। महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, एक कथित देशव्यापी सिंडिकेट की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस जांच में एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला ब्रजेंद्र गुप्ता है।
विपक्ष का प्रदर्शन, सदन से वॉकआउट
महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार को उस समय जोरदार हंगामा हुआ जब विपक्षी विधायकों ने सरकार पर हाल में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) सहित विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को लीक होने से रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया और बाद में सदन से बहिर्गमन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले सहित वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया की टीईटी और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े लोग हैं और उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया की व्यापक जांच की मांग की। विपक्षी सदस्यों ने कथित टीईटी प्रश्नपत्र लीक और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से कराने के सरकार के फैसले के विरोध में नारेबाजी की। कांग्रेस के सतेज पाटिल, शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के अंबादास दानवे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के जितेंद्र आव्हाड के नेतृत्व में विपक्षी विधायक ने विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया।












