बिल का भुगतान कराने के बदले मांगी थी रकम
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की उमरेड खनन परियोजना के गोकुल मुरपार उप-क्षेत्र में कार्यरत वरिष्ठ पर्यवेक्षक (सिविल) पवन नखाते को बुधवार दोपहर, 30 सितंबर को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह कार्रवाई केंद्रीय अपराध जांच विभाग की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा द्वारा गंगापुर चौक के पास बिछाए गए जाल में की गई।
फरियादी को पोरवा गांव के पुनर्वास स्थल पर पेयजल आपूर्ति के लिए दो बोरवेल के निर्माण और सबमर्सिबल पंपों के साथ-साथ आंतरिक मुख्य और वितरण जल पाइप बिछाने का ठेका दिया गया था। पवन नखाते ने इस कार्य के तीसरे बिल को मंजूरी देने के लिए बिल का 2 प्रतिशत यानी 50 हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांगे थे, जिसका कुल मूल्य 25,35,693 रुपये था। इस मामले में शिकायतकर्ता ने 29 सितंबर को केंद्रीय अपराध जांच विभाग के भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। केंद्रीय अपराध शाखा की भ्रष्टाचार-विरोधी इकाई ने स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में शिकायत का सत्यापन किया।
गंगापुर चौक पर बिछाया जाल
पुलिस अधिकारियों ने बुधवार, 30 सितंबर को उमरेड के गंगापुर चौक के पास जाल बिछाया। आरोपी पवन नखाते को शिकायतकर्ता से 40,000 रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में किसी और की संलिप्तता का पता लगाने के लिए एजेंसी द्वारा आगे की जांच की जा रही है।














