यवतमाल। नीट परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में यवतमाल बार एसोसिएशन ने शुक्रवार, 24 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बार एसोसिएशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की है। संगठन का कहना है कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की भी मांग की है। बार एसोसिएशन ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने तथा केंद्र सरकार से छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का समाधान निकालने की अपील की है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि नीट परीक्षा विवाद से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को सरकारी आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। इसके अलावा, नीट, जेईई तथा अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन सीधे सरकार द्वारा किए जाने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
इस अवसर पर यवतमाल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों के समर्थन में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग दोहराई।











