चंद्रपुर में ली परीक्षा, नागपुर में थमाया फर्जी नियुक्तिपत्र
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। शांतिनगर पुलिस थाना अंतर्गत रहनेवाले युवक को 7 लोगों ने मनपा में कनिष्ठ लिपिक के पद पर नौकरी लगाकर देने के बहाने 12 लाख रुपये ठग लिए। 7 ठगबाजों ने 12 लाख लेकर चंद्रपुर में परीक्षा ली और नागपुर में युवक के हाथ में फर्जी नियुक्तिपत्र देकर जालसाजी की।
फरियादी श्रीहरि रोड, मुर्दियार चौक निवासी निखिल संदीप मसारके (26) की मुलाकात आरोपी प्रतीक युवराज उराडे (25) निवासी विनोबा भावे नगर, गली नंबर 25, यशोधा नगर से वर्ष 2025 में हुई। आरोपी ने फरियादी को बताया कि उसका एक मित्र उसे मेट्रो रेलवे और नगर निगम में नौकरी दिलवा सकता है और रिक्त पद उपलब्ध होने पर वह मुझे फोन करेगा। फरियादी ने सितंबर 2025 में अपने मोबाइल पर नागपुर नगर निगम कार्यालय में जूनियर क्लर्क के पद का विज्ञापन देखा और आरोपी नंबर 1 से संपर्क किया।
आरोपी, अपने साथी विशाल जाधव (35) निवासी अमरावती और एक अन्य व्यक्ति के साथ, इतवारी रेलवे स्टेशन के पास एक कार में उससे मिले। उसने शिकायतकर्ता और उसके पिता से कहा कि काम के लिए उसे 18 लाख रुपये देने होंगे। फरियादी ने कहा कि वह इस बारे में सोचेगा। इसके बाद, जब फरियादी 12 लाख रुपये देने के लिए सहमत हो गया, तो आरोपी ने अपने अन्य साथी स्वप्निल सहारे (30), रोशन वानखेड़े (30), दिगंबर शनाडे (25), सचिन राठौड़ (35), अरविंद चौधरी (40), निवासी शंकरनगर, धरमपेठ ने 01.09.2025 और 01.07.2026 के बीच, फरियादी को नागपुर मनपा में जूनियर क्लर्क की नौकरी दिलाने का लालच देकर, चंद्रपुर में उसकी परीक्षा आयोजित कर नागपुर में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर, और बिना नौकरी दिए शिकायतकर्ता से ऑनलाइन और नकद में कुल 12 लाख रुपये लेकर ठग लिया। जब फरियादी नियुक्ति पत्र लेकर मनपा पहुंचा तो सच्चाई सामने आयी।
निखिल ने आरोपियों से बार-बार 12 लाख वापस करने के बावजूद झूठे जवाब देकर, मामले को टालकर और कोई भी राशि वापस न करके शिकायतकर्ता को आर्थिक रूप से धोखा दिया। इस मामले में पुलिस ने धारा 318(4), 336(3), 340(2), 3(85) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।












