मैंने राहुल गांधी को कहा था, छात्रों को नहीं
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। राजधानी दिल्ली में माहौल बेहद तनावपूर्ण है। एक तरफ जहां जंतर-मंतर और संसद भवन क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा नेता और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला था। बावनकुले ने आरोप लगाया था कि कॉक्रोज-वॉक्रोज का यह आंदोलन मोदी और फडणवीस को बदनाम करने के लिए रची गई नौटंकी है। लेकिन, अब उन्होंने अपने बयान से यू टर्न ले लिया है। बयान के बाद बावनकुले की हर तरफ से आलोचना हो रही है। ऐसे में उन्होंने इस बयान से खुद को अलग कर लिया है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बावनकुले ने कहा कि मैंने छात्रों के आंदोलन को कभी नौटंकी नहीं कहा। उनका आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है। विरोध करना उनका अधिकार है। उन्होंने छात्रों को कुछ नहीं कहा है। राहुल गांधी और कुछ अन्य राजनीतिक नेताओं के आंदोलन को नौटंकी कहा था।
छात्रों के मुद्दों पर राजनीति करना उचित नहीं है। छात्र प्रतिनिधियों से संपर्क करने का दावा करते हुए बावनकुले ने कहा, मैंने प्रदर्शनकारियों से बात की है और उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया है। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि छात्रों का मनोबल न टूटे। छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। छात्रों की मांगों के प्रति सरकार का रुख सकारात्मक होने का जिक्र करते हुए बावनकुले ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी जिससे छात्रों पर भविष्य में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की नौबत ही नहीं आएगी। ऐसे फैसले लिए जाएंगे, ताकि युवाओं को आंदोलन करने की जरूरत ही न महसूस हो। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में इस बात पर नजर बनी हुई है कि बावनकुले के मूल बयान से उठा विवाद थमेगा या और उग्र रूप लेगा।
क्या कहा था बावनकुले ने?
चंद्रशेखर बावनकुले ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन और विपक्ष द्वारा इस्तीफे की मांग पर आक्रामक रुख अपनाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कॉक्रोज-वॉक्रोज का यह आंदोलन मोदी और फडणवीस को बदनाम करने के लिए रची गई एक नौटंकी है। उन्होंने आगे कहा था कि जो आंदोलन चल रहा है, वह सिर्फ नौटंकी है। यह सारा हथकंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बदनाम करने के लिए रचा गया है। कुछ युवा सिर्फ हताशा के कारण इसमें शामिल हो रहे हैं, लेकिन क्या यह पर्चा बावनकुले ने लीक किया है या शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने? अगर आप कोई सुधार सुझाना चाहते हैं, तो जरूर सुझाएं, लेकिन मंत्रियों के इस्तीफे की सीधी मांग पूरी तरह से राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।
पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को दिया जवाब
दिल्ली के प्रदर्शनकारियों की आलोचना करने वाले राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पूर्व मंत्री अनिल देशमुख के पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए आंदोलन को नौटंकी करार देते हुए राजनीतिक नेताओं की आलोचना की थी। बावनकुले ने दावा किया कि छात्रों का विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से हो रहा है और उन्होंने इसकी कभी आलोचना नहीं की। उन्होंने कहा कि छात्रों को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन कुछ राजनेता इस आंदोलन की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं और प्रधानमंत्री कार्यालय और आवास के बाहर राहुल गांधी का आंदोलन एक तरह का दिखावा था। बावनकुले ने कहा कि उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों से फोन पर बात की और उन्होंने सरकार पर भरोसा जताया था कि उनसे पहल करने की उम्मीद जताई थी।
बावनकुले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ के आरोपियों का गंभीर संज्ञान लिया है और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। बावनकुले ने बताया कि राज्य सरकार का कर्ज माफी पर निर्णय बरकरार है और लाभार्थियों की सूची चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाती है। सभी सूचियां अगले पंद्रह दिनों से एक महीने के भीतर पूरी हो जाएंगी और पात्र किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मामलेदार अधिनियम में किए गए संशोधनों के कारण कृषि मार्गों, आवासीय सड़कों और जल प्रवाह में बाधाओं को दूर करने से संबंधित मामलों को तीन महीने के भीतर निपटाने का लक्ष्य है।









