एपीआई रैंक का अफसर मर्सिडीज-बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था : हाईकोर्ट
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। एनआईए ने वझे को 13 मार्च 2021 को गिरफ्तार किया था. यह गिरफ्तारी एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन की हत्या से जुड़े केस में हुई थी. बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व एपीआई सचिन वझे की महंगी कारों और ओबेरॉय होटल में 100 दिन ठहरने पर सवाल उठाए. एनआईए की जमानत के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर रैंक का अफसर मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें कैसे इस्तेमाल करता था. एनआईए ने बताया कि वझे इन कारों से पुलिस कमिश्नर के ऑफिस और मुख्यमंत्री के बंगले तक जाते थे. कोर्ट ने इन तथ्यों को वझे पर लगे जबरन वसूली के आरोपों से जोड़कर देखा. वझे 2021 के एंटीलिया बम कांड और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के आरोपी हैं. एनआईए ने विशेष अदालत के 29 सितंबर के जमानत आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने वझे की जमानत पर रोक 14 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. यह फिलहाल ठाणे सेंट्रल जेल में है. कोर्ट ने सचिन वझे के ओबेरॉय होटल में करीब 100 दिन ठहरने पर भी सवाल उठाए. जस्टिस गिरीश कुलकर्णी ने पूछा कि एपीआई रैंक के अधिकारी की सैलरी से इतने महंगे होटल में रहना कैसे संभव है.














