‘संविधान बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में मुख्यमंत्री ने साधा निशाना
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। गुरुवार को धंतोली स्थित यशवंत स्टेडियम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान मंच से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर जमकर निशाना साधा। जनसभा को संबोधित करते हुए फडणवीस ने इतिहास का हवाला देते हुए कांग्रेस पर संविधान के साथ खिलवाड़ करने और लोकतंत्र को कमजोर करने का सीधा आरोप लगाया। 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 1975 में कांग्रेस पार्टी ने देश के संविधान की खुलेआम हत्या की थी। उस दौरान संविधान में ऐसे संशोधन किए गए, जिससे आम नागरिकों के मूलभूत अधिकार पूरी तरह समाप्त कर दिए गए थे। अधिकारों के खत्म होने के कारण देश का कोई भी नागरिक अपने हक के लिए न तो हाईकोर्ट जा सकता था और न ही सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता था।
फडणवीस ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को याद दिलाते हुए कहा कि 1975 में अदालत ने साफ कर दिया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव अवैध था और वे भ्रष्ट तरीकों के जरिए सत्ता में आई थीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द घोषित कर दिया था। इसके बाद जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तो शीर्ष अदालत ने भी हाईकोर्ट के आदेश पर पूर्ण स्थगन नहीं लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री के पद पर तो बनी रह सकती हैं, लेकिन उन्हें संसद में वोट देने या भाषण देने का कोई अधिकार नहीं होगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत के इस फैसले के बाद कांग्रेस को जेल में डाल दिया गया था और कई लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पाबंदियां लगा दी गई थीं। पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अब वही कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की रक्षा करने की बात करती है। वह देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी और कांग्रेस नेता जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह उन्हें शोभा नहीं देती। खरगे जैसे नेता प्रधानमंत्री मोदी के पिता के बारे में बात कर रहे हैं। वे बौखला गए हैं क्योंकि जनता ने बार-बार कांग्रेस को नकारा है और पार्टी लगातार चुनाव हारती आ रही है। गडकरी ने कहा कि कांग्रेस नेता हताशा में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है और संसद को काम करने से रोक रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसद बहस करने और अपने विचार रखने के लिए होती है, लेकिन बार-बार इसकी कार्यवाही में बाधा डालकर कांग्रेस ने दिखा दिया है कि उसके मन में संसद के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
देश के प्रधानमंत्री को कानून और अदालतों के अधीन रखा था, लेकिन कांग्रेस ने संशोधन लाकर यह प्रावधान कर दिया कि प्रधानमंत्री किसी भी न्यायालय के अधीन नहीं रहेंगे। 1977 में जब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी और मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने, तब जाकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को पुनर्गठित किया गया। जनता पार्टी की सरकार ने यह स्थापित किया कि देश का प्रधानमंत्री संविधान और सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर नहीं हो सकता, और न ही किसी नागरिक के मूलभूत अधिकार छीने जा सकते हैं। राहुल और इंदिरा गांधी पर हमला संबोधन के अंत में राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि जो काम आपकी दादी इंदिरा गांधी नहीं कर सकीं, वही अब राहुल गांधी करने की कोशिश कर रहे हैं।
चुनावी हारों से बौखला कांग्रेस फैला रही अराजकता : गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री एवं पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि कभी देश में आपातकाल लगा चुकी कांग्रेस अब अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है, लेकिन मतदाता उस पर कभी भरोसा नहीं करेंगे। यहाँ भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ मार्च को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे जैसे कांग्रेस नेताओं द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूँ कि आप चाहे कितनी भी ताकत लगा लें, लोगों को कितना भी गुमराह करें या झूठ बोलें, या लोकतांत्रिक संस्थाओं पर चाहे कितना भी हमला करें, फिर भी इस देश की जनता आपको वोट नहीं देगी। जब कांग्रेस जीतती है, तो इस देश की जनता आखिरकार उसे सत्ता से बाहर कर देती है। आपातकाल को याद करते हुए गडकरी ने कहा कि उस दौरान कांग्रेस पार्टी ने ‘लोगों के मौलिक अधिकारों को छीनने का पाप किया था।’














