राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पांच बड़े फैसले, पुणे की जमीनों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य सरकार की मंत्रिमंडल बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पांच महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नागपुर जिले के काटोल में डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय, अकोला से संबद्ध सरकारी उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना को मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। नागपुर और अमरावती संभाग के 11 जिलों में संतरा, मौसंबी, आम, नींबू, अमरूद आदि प्रमुख फलों के अलावा कम पानी में उगने वाली आंवला और सीताफल जैसी फसलों का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। साथ ही नागपुर जिले में फल, सब्जी और फूलों की खेती की विविधता को देखते हुए उद्यानिकी महाविद्यालय की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस महाविद्यालय में फल, सब्जी, फूलों के साथ-साथ प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल होंगे, जिससे अध्ययन और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। हर वर्ष इस महाविद्यालय में 120 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए 29 शिक्षणकीय और 22 गैर-शिक्षणकीय नियमित पद समेत कुल 51 नियमित पद स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही शिक्षणकीय (समूह-अ) के 5 तथा गैर-शिक्षणकीय (समूह-क) के 8 और (समूह-ड) के 22 पद आवश्यकता के अनुसार संविदा आधार पर भरने को भी मंजूरी दी गई है। इन पदों के वेतन और संबंधित खर्च के लिए 122 करोड़ 32 लाख रुपये की व्यवस्था को स्वीकृति दी गई।
राज्य के 177 तालुकों में एक वर्ष के लिए आकांक्षी तालुका कार्यक्रम
राज्य के 177 आकांक्षी तालुकों में प्रायोगिक आधार पर वर्ष 2026-27 के लिए आकांक्षी तालुका कार्यक्रम लागू करने को आज मंत्रिमंडल बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। नीति आयोग ने देश के उपेक्षित एवं पिछड़े 112 जिलों में आकांक्षी जिला कार्यक्रम तथा 500 अल्पविकसित तालुकों में आकांक्षी तालुका कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें राज्य के 4 जिले और 27 तालुके शामिल हैं। इन तालुकों का मूल्यांकन स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास क्षेत्र के 39 संकेतों के आधार पर किया जाता है और इसके लिए आयोग विशेष निधि प्रदान करता है। इसी तर्ज पर महाराष्ट्र ने संतुलित, सर्वांगीण और गतिशील विकास के लिए आकांक्षी जिला एवं तालुका कार्यक्रम का विस्तार किया है। इसके तहत गढ़चिरौली, नंदूरबार, धाराशिव, वाशिम, हिंगोली, जालना, पालघर, बीड, धुले और परभणी सहित 10 जिलों तथा कुल 177 तालुकों को विस्तारित आकांक्षी जिले और तालुके के रूप में चुना गया है। इन नए चयनित 177 तालुकों में वर्ष 2026-27 के लिए यह कार्यक्रम लागू होगा। प्रत्येक तालुके को इस वर्ष 5 करोड़ रुपये की निधि दी जाएगी। वर्ष के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तालुकों को 2027-28 में अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें पहला पुरस्कार 10 करोड़, दूसरा 8 करोड़, तीसरा 6 करोड़, चौथा 4 करोड़ और पांचवां पुरस्कार 2 करोड़ रुपये का होगा। इसके अलावा समग्र प्रदर्शन के आधार पर भी पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनमें पहला पुरस्कार 21 करोड़, दूसरा 15 करोड़ और तीसरा 11 करोड़ रुपये का होगा। इन तालुकों के मूल्यांकन के लिए राज्य, जिला तथा तालुका स्तर पर निगरानी समितियां गठित की जाएंगी।
एनडीआरएफ को पुणे जिले के सदुंबरे में तीन हेक्टेयर जमीन
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को पुणे जिले के सदुंबरे (ता. मावल) में तीन हेक्टेयर भूमि देने को मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। पहले इस भूमि को बाजार मूल्य पर देने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन संस्था ने जनहित और राष्ट्रीय महत्व का हवाला देते हुए इसे निःशुल्क देने का अनुरोध किया था। इस जमीन पर एनडीआरएफ का स्थायी केंद्र बनाया जाएगा, जहां आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण और विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने वाली टीमें तैनात रहेंगी। इससे राज्य में आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी। इसी उद्देश्य से देश के एकमात्र समर्पित नागरिक आपदा बल के रूप में एनडीआरएफ को यह भूमि निःशुल्क भोगवटादार वर्ग-2 के रूप में देने की मंजूरी दी गई।
अखिल भारतीय श्रीगुरुदेव सेवामंडल की नागपुर स्थित भूमि के लीज नवीनीकरण पर स्टांप शुल्क माफ
मोजरी स्थित अखिल भारतीय श्रीगुरुदेव सेवामंडल की नागपुर के सुभाष रोड स्थित भूमि के लीज नवीनीकरण पर स्टांप शुल्क माफ करने को मंत्रिमंडल बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। यह एक सार्वजनिक धर्मार्थ संस्था है जो राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के विचारों का प्रसार, सामाजिक जागरूकता, ग्राम विकास, नशामुक्ति, सर्वधर्म समभाव, राष्ट्रभक्ति और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम चलाती है। संस्था को नागपुर के सुभाष रोड पर 18,340 वर्गफुट भूमि 1954 में सरकार द्वारा लीज पर दी गई थी। संस्था के अनुरोध पर लीज नवीनीकरण के स्टांप शुल्क को जनहित में माफ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
लोकायुक्त कार्यालय के 143 पदों के संशोधित ढांचे को मंजूरी
लोकायुक्त कार्यालय के 143 पदों के संशोधित ढांचे को मंगलवार को मंत्रिमंडल बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की। महाराष्ट्र लोकायुक्त और उपलोकायुक्त कार्यालय स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य है। पहले इन दोनों कार्यालयों के लिए 87 पद स्वीकृत थे। अब केंद्र सरकार की तर्ज पर महाराष्ट्र लोकायुक्त अधिनियम 2023 लागू किया गया है। इसके तहत लोकायुक्त संस्था में सदस्यों की संख्या और अधिकार क्षेत्र दोनों बढ़े हैं। इसलिए प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता हुई। इसी के अनुसार 87 मौजूदा पदों के अतिरिक्त 56 पद (31 नियमित, 23 आउटसोर्स और 2 सूचना प्रौद्योगिकी कर्मचारी) जोड़कर कुल 143 पदों के संशोधित ढांचे को मंजूरी दी गई।












