भंडारा में सर्वदलीय विरोध मार्च
लोकवाहिनी, संवाददाता
भंडारा। दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में गुरुवार को भंडारा में सर्वदलीय विरोध मार्च निकाला गया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भंडारा बंद का आह्वान किया. इस विरोध मार्च में जिलेभर से बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राओं और विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
दोपहर 12 बजे लाल बहादुर शास्त्री चौक से शुरू हुए मार्च में प्रतिभागी ने हाथों में तिरंगा लेकर ‘वंदे मातरम्’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’, ‘संविधान जिंदाबाद’ और ‘दीपक, संघर्ष जारी रखो, हम तुम्हारे साथ हैं’ जैसे नारे लगाए. कई युवाओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा सोरडे, टाइगर सेना के चंद्रशाह उईके सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे. इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता गौतम मेश्राम, विलास निंबोरकर, सुरज पीपरे, चंद्रकांत धोयर, प्रतीक डांगे और प्रतेश अंबाडे सहित अनेक लोगों ने आंदोलन में भाग लिया. आंदोलन के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया. व्यापारियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों द्वारा दिए गए समर्थन के कारण गडचिरोली शहर के जनजीवन पर बंद का व्यापक असर देखने को मिला।
गडचिरोली में बंद आंदोलन को उत्स्फूर्त समर्थन
गडचिरोली। शहर में आयोजित बंद आंदोलन को नागरिकों का उत्स्फूर्त समर्थन मिला. आंदोलन के चलते शहर की प्रमुख व्यापारिक लाइनें दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह बंद रहीं. इसके साथ ही कई स्कूलों और महाविद्यालयों ने भी बंद का समर्थन करते हुए शैक्षणिक गतिविधियाँ बंद रखीं. इस आंदोलन में विद्यार्थी, अभिभावक तथा विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए. विद्यार्थियों ने अपने भाषणों के माध्यम से विभिन्न समस्याओं को उठाते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया. छात्रों की सक्रिय भागीदारी के कारण आंदोलन को विशेष स्वरूप मिला. बंद आंदोलन में वंचित अघाड़ी के नेता बालू तैंभूर्रे, जिलाध्यक्ष प्रशांत देव्हारे, जी. के. बारसागड़े, शेतकरी कामगार पक्ष के जिला सचिव भाई रामदास जराते, जयश्री जराते, आजाद समाज पक्ष के राउत, हंसराज उंदीरवाड़े, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव डॉ. देवराव चवले, बहुजन रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी के मिलिंद बांबोले, माकपा के डॉ. धर्मराज.
बुलढाणा में निकला विशाल शांतिपूर्ण मार्च
बुलढाणा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का लंबा अनशन केंद्र सरकार द्वारा समाप्त कराए जाने तथा अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चल रहा छात्र आंदोलन को कथित रूप से बलपूर्वक रोकने और लाठीचार्ज किए जाने के विरोध में देशभर में आक्रोश देखा जा रहा है. इसी क्रम में बुलढाणा जिले में भी विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने पिछले दिनों से विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया. गुरुवार, 23 जुलाई को बुलढाणा में विभिन्न सामाजिक संगठनों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से जिला कलेक्टर कार्यालय तक एक मौन शांति मार्च निकाला गया.
इस मार्च की विशेषता यह रही कि इसमें किसी भी राजनीतिक दल का प्रत्यक्ष समर्थन नहीं था. इसके बावजूद हजारों की संख्या में नागरिक स्वेच्छा से शामिल हुए और दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता तथा संवेदना व्यक्त की. हजारों नागरिक हाथों में तिरंगा और काली पट्टी बांधकर हुतात्मा स्मारक से निकले. यह मौन मार्च जयस्तंभ चौक, बाजार क्षेत्र, जनता चौक और कारंजा चौक होते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा. पूरे मार्च के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखा गया. जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचने पर छात्र प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा.











