मां दुर्गा की प्रतिमाओं में भर रहे रंग और आभा
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होगी। मां के आगमन से पहले नागपुर में उनकी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेज हो गया है। कहीं प्रतिमाओं पर रंग चढ़ाया जा रहा है तो कहीं मुकुट, आभूषण और वस्त्रों से उनका शृंगार किया जा रहा है। कारीगर दिन-रात मेहनत कर मां दुर्गा की प्रतिमाओं में रंग और आभा भरने में जुटे हैं। शहर में पूजा समितियां भी पंडालों को अंतिम रूप देने में लगी हैं।
चार माह पहले शुरू हुआ था काम। कारीगरों ने बताया कि प्रतिमा तैयार करने का काम नवरात्रि से करीब चार माह पहले शुरू हो जाता है। सबसे अधिक मेहनत मिट्टी जुटाने और ढांचा तैयार करने में लगती है। बांस और पुआल से ढांचा बनाने के बाद चिकनी, कौंजल और बलुई मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। प्रतिमा को आकार देने के बाद सुखाया जाता है और फिर रंग-रोचन किया जाता है। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व को लेकर जिलेभर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मां दुर्गा की अगवानी में अब महज एक दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मूर्तिकारों द्वारा प्रतिमाओं के शृंगार और फिनिशिंग का काम अंतिम दौर में है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक मूर्तिकारों द्वारा इस वर्ष 2 फुट से लेकर 12 फुट तक की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। प्रतिमाओं का मुख्य निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब रंग-रोगन, नयन निर्माण, शृंगार और अन्य फिनिशिंग का काम चल रहा है। मां दुर्गा के अलावा महाकाली सहित विभिन्न स्वरूपों की प्रतिमाएं भी तैयार की जा रही हैं।
3 हजार से 50 हजार तक कीमत। मूर्तियों के आकार और कारीगरी के आधार पर उनकी कीमत करीब 3 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक रखी गई है। बढ़ती निर्माण लागत के बावजूद मूर्तिकारों द्वारा अलग-अलग बजट के अनुसार प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। कई समितियों ने प्रतिमाओं की बुकिंग पहले ही करा ली है और अब उन्हें पंडालों तक पहुंचाने की तैयारी शुरू होनेवाली है।
10 स्थानों पर अंतिम रूप दे रहे कारीगर
नागपुर में शारदीय नवरात्रि के लिए 140 से अधिक पारंपरिक मूर्तिकार और कारीगर दिन-रात मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यह पारंपरिक कार्य नागपुर के प्रमुख क्षेत्र चितार ओली, लालगंज, पांचपावली, टिम्बकी, बुधवारी, बालाभाऊ पेठ, मंगलवारी, गद्दीखाना, महल, लकड़गंज, कुम्हारपुरा, नंदनवन, जगनाड़े चौक। शहर के विभिन्न मंडलों के लिए 3 फीट से लेकर 10 फीट तक की ऊंचाई वाली 2,000 से अधिक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं।
नवरात्रि का शुभारंभ रविवार से
शारदीय नवरात्रि का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मां दुर्गा की भक्ति और आराधना का यह पावन पर्व इस साल 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होगा। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे, व्रत रखेंगे और देवी से सुख-शांति व समृद्धि की कामना करेंगे। लेकिन नवरात्रि की तारीखों और पूजा के अलावा देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन का भी विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन (प्रतिपदा) के वार के आधार पर मां दुर्गा के आगमन का वाहन निर्धारित होता है। इस वर्ष नवरात्रि का शुभारंभ रविवार से हो रहा है। परंपरा के अनुसार, यदि नवरात्रि रविवार या सोमवार से शुरू हो, तो देवी का वाहन हाथी माना जाता है।













