दिल्ली में मुख्यमंत्री फडणवीस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से की अपील
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हमें पता है कि गृह मंत्री एनडीआरएफ के अध्यक्ष होते हैं। सूखे के संदर्भ में एनडीआरएफ की मदद के संबंध में हमारे जो भी प्रस्ताव होते हैं, वे इस ग्रुप को भेजे जाते हैं। इस बैठक की अध्यक्षता अमित शाह करते हैं। इसलिए हमने एनडीआरएफ को प्रस्ताव भेजा है। उसकी जानकारी देने के लिए मैं आया था। मैंने उन्हें बताया कि, महाराष्ट्र में भयंकर सूखा है। पीने के पानी, चारे की समस्या है। 32 जिलों में बड़े पैमाने पर सूखा है। अगर विचार करें, तो 80 प्रतिशत तहसीलें सूखा प्रभावित हैं। इसलिए केंद्र सरकार महाराष्ट्र को विशेष मदद करे ऐसी विनंती की।
हम प्रस्ताव भेज रहें हैं उस पर केंद्र की टीम तुरंत भेजने की विनंती की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी चर्चा की। यह टीम 8 तारीख से महाराष्ट्र आएगी। यह टीम 8 से 11 तक विभिन्न क्षेत्रों में लगभग सूखे की स्थिति क्या है, इसकी मौके पर जांच करेगी। ये अपनी रिपोर्ट एनडीआरएफ को प्रस्तुत करेंगी। उनके द्वारा भेजी गई रिपोर्ट और हमारे द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर एनडीआरएफ निर्णय लेगा। उस दृष्टि से तेजी से निर्णय हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैंने विशेष अनुरोध किया है कि, सूखे की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार विशेष मदद करे। गृह मंत्री ने सकारात्मकता दिखाई है। नियमों के दायरे में अधिकतम मदद भारत सरकार करेगी ऐसा आश्वासन दिया है। दूसरी बैठक राजनाथ सिंह के साथ हुई। इस बैठक का उद्देश्य नागपुर एयर पोर्ट पर नई टर्मिनल बिल्डिंग का था। (पेज 6 पर)
कांग्रेस-कोंजपा के बीच अराजकता फैलाने की होड़ : फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को दावा किया कि कांग्रेस और लोकतंत्र जनता पार्टी (कोंजपा) के बीच दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के जरिए अराजकता फैलाने की होड़ लगी हुई है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं में लोगों के विश्वास को कम करना है। फडणवीस ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि अराजकता फैलाने के लिए कोंजपा और कांग्रेस के बीच होड़ लगी हुई है। ऐसा लगता है कि अराजकता से पैदा हुए रिक्त स्थान को भरने के लिए दोनों के बीच एक तरह की प्रतिस्पर्धा चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जारी विरोध प्रदर्शन अब छात्रों के हितों से जुड़े नहीं रहे, बल्कि राजनीतिक हो गए हैं। फडणवीस ने कहा, यह आंदोलन पूरी तरह से राजनीतिक हो गया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन आयोग (सीसीसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे विपक्ष के नेता पर निशान साधते हुए फडणवीस ने कहा कि प्रदर्शनकारी संवैधानिक संस्थाओं की न्याय करने की क्षमता पर सवाल उठाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वे अपने हाथों में संविधान (की प्रति) लेते हैं, लेकिन संविधान के तहत बनी संस्थाओं को बदनाम करके, लोगों के संविधान से भरोसा उठाने की साजिश रचते हैं। फडणवीस ने आरोप लगाया कि ये विरोध प्रदर्शन भारत में अति वामपंथी शासन व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश है, और अपनी बात के समर्थन में उन्होंने संविधान सभा में डॉ. भीमराव अंबेडकर के आखिरी भाषण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी राजनीतिक हंगामा खड़ा करने के लिए हिंसा भड़काने और पुलिस को लाठीचार्ज करने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, इन लोगों की कोशिश यह है कि हालात को हिंसक बनाया जाए, कानून व्यवस्था की समस्या पैदा की जाए और लाठीचार्ज की नौबत लाई जाए। मुंबई के शिवाजी पार्क में दो अक्टूबर को एक प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले, कोंजपा के संयोजक अभिजीत दीपेक ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि अगर मुख्य निर्वाचन आयोग ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।














