लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी ने पीएम मोदी को ‘तानाशाह’ बताते हुए कहा है कि मोदी सरकार ने इमरजेंसी की घटनाओं को भी पीछे छोड़ दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान मोदी सरकार की पुलिस ने पिछले 72 घंटों में इमरजेंसी के समय से कहीं ज्यादा बर्बरता की है। सीजीपी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे डरपोक हैं, कायर हैं और उन्होंने देश को दुनिया भर में बदनाम कर दिया है। दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी गिरफ्तारियों के बीच सीजीपी ने सरकार पर नागरिकों और पत्रकारों के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप लगाया। पार्टी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की आलोचना की और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ किए जा रहे बर्ताव पर चिंता जताई। पार्टी ने कहा कि अब लड़ाई और तेज की जाएगी और ज्ञानेश कुमार को हटाकर मानेंगे। सीजीपी के नेता आशुतोष रांका ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजीपी का विरोध प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की सख्ती के बीच उनकी लड़ाई तो बस शुरू हुई है। (पेज 6 पर)
कोई बॉंड साइन नहीं किया : दीपके
सीजीपी नेता अभिजीत दीपके ने फिर से सड़कों पर उतरने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि विरोध करने पर कोई रोक नहीं है। दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बॉंड या अंडरटेकिंग साइन नहीं किया है जो उन्हें सड़कों पर उतरने से रोकता हो। यह बयान सीजीपी के उन आरोपों के बीच आया है जिनमें कहा गया है कि दिल्ली में हालिया आंदोलन के दौरान अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर पाबंदियां लगाई और पार्टी नेताओं को हिरासत में लिया। दीपके ने कहा, ये पाबंदियां पार्टी को अपना विरोध जारी रखने से नहीं रोक पाएंगे। हमने ऐसा कोई बॉंड साइन नहीं किया है जिसमें लिखा हो कि हम विरोध नहीं करेंगे।
दीपके के आरोपों को पुलिस ने झुठलाया, दूसरे दिन 200 हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके की हिरासत वाला वीडियो रविवार को जारी कर सीजीपी के आरोपों को झुठलाया। दरअसल दिन में सीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि दादी के निधन की खबर सुनकर दीपके पुलिस से बार-बार अपने कजिन से बात कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। इस पर दिल्ली पुलिस ने जवाब दिया कि उन्हें हरसंभव मदद की पेशकश की गई थी। लेकिन दीपके ने खुद ही किसी से भी बात करने से मना कर दिया था। अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास करीब 23 घंटे हिरासत में रहने के बाद रविवार सुबह 10 बजे रिहा हुए। दिल्ली में दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी है। भारी पुलिस और अर्धसैन्य बल तैनात हैं। 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।














