चपत : चौतरफा बिकवाली से बाजार में हाहाकार, निफ्टी पांच महीने के निचले स्तर पर
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी बॉन्ड पर बढ़ते प्रतिफल के बीच घरेलू शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स 1,247 अंक से अधिक टूटकर तीन महीने से अधिक के निचले स्तर पर बंद हुआ। वित्तीय, धातु, वाहन और पेट्रोलियम शेयरों में भारी गिरावट से बाजार धारणा कमजोर हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,247.71 अंक यानी 1.67 प्रतिशत गिरकर 73,580.54 अंक पर बंद हुआ। यह सेंसेक्स का आठ जून के बाद सबसे निचला बंद स्तर है। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,264.33 अंक फिसलकर 73,563.92 अंक तक आ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 383.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 अंक पर बंद हुआ। यह पांच महीने से अधिक का निचला स्तर है। निफ्टी के 50 में से 47 शेयर गिरावट में रहे।
एक कारोबारी दिन पहले यानी 23 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,85,01,353.86 करोड़ था। आज यानी 24 सितंबर 2026 को यह घटकर 4,80,99,180.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज 402,173.32 करोड़ की गिरावट आई है। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में से बजाज फाइनेंस में सबसे अधिक 5.47 प्रतिशत की गिरावट आई। एक्सिस बैंक 4.67 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 4.06 प्रतिशत, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) 2.78 प्रतिशत, ट्रेंट 2.75 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.31 प्रतिशत टूटे। हालांकि, एनटीपीसी का शेयर अपरिवर्तित रहा।
विश्लेषकों के मुताबिक, भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) द्वारा बीमा वितरण व्यवस्था में बदलाव के प्रस्ताव के बाद वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली हुई। प्रस्ताव में प्रबंधन खर्चों की सीमा कम करने और कमीशन पर नियंत्रण कड़ा करने की बात कही गई है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि इन प्रस्तावों से बीमा कंपनियों और संबंधित वित्तीय मध्यस्थों की आय तथा वितरण कारोबार पर असर को लेकर चिंता बढ़ी है। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बॉन्ड पर बढ़ते प्रतिफल और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार धारणा कमजोर की। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.36 प्रतिशत बढ़कर 105.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका के 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़कर करीब 5.11 प्रतिशत हो गया, जबकि 30 साल के बॉन्ड पर प्रतिफल 2004 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
व्यापक बाजार में मंझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सिलेक्ट सूचकांक 3.12 प्रतिशत और छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप सिलेक्ट सूचकांक 1.19 प्रतिशत गिरा। बीएसई के सभी क्षेत्रवार सूचकांक गिरावट में रहे। मिडस्मॉल प्राइवेट बैंक 2.81 प्रतिशत, आवासीय वित्त 2.56 प्रतिशत, वित्तीय सेवा 2.33 प्रतिशत, बीमा सूचकांक 2.20 प्रतिशत गिर गया। बीमा कंपनियों में से मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज 9.81 प्रतिशत, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस 6.13 प्रतिशत, न्यू इंडिया एश्योरेंस 5.36 प्रतिशत, निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस 4.98 प्रतिशत और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस 4.23 प्रतिशत गिर गए।














