लोकवाहिनी, संवाददाता:पुणे। “मेरे लिए केवल पार्थ और जय ही मेरा परिवार नहीं हैं, बल्कि पूरा बारामती मेरा परिवार है और हर बारामतीवासी मेरे परिवार का सदस्य है। मैं जीवन भर इस परिवार के विकास के लिए काम करती रहूँगी, यह मेरा वचन है। दादा के अचानक चले जाने से कई कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट गया... Read More













